शहर के डेयरी संचालकों को अब बताना होगा कि उनके पास कितने पशु है, किन स्थानों पर डेयरी संचालित है, किस स्थान पर डेयरी को विस्थापित किया जा सकता है। इसके लिए डेयरी संचालकों को नगर निगम में शपथ पत्र देना होगा।
उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में डेयरी संचालकों को शहर से बाहर भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है।
5 जनवरी को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ था। इसमें डेयरी संचालकों से समन्वय स्थापित कर शपथ पत्र लेने का निर्णय लिया गया था। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिव कुमार ने नगर निगम के समस्त स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देश जारी कर दिया है। डेयरी संचालकों से यह भी पूछा जाएगा कि निजी भूमि पर डेयरी संचालित करना चाहते हैं, क्या डेयरी संचालक जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि ग्राम देवसैनी में स्थल प्राप्त करना चाहते हैं। इसके लिए डेयरी संचालक अलीगढ़ विकास प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि शहर में छोटे-बड़े 500 से अधिक डेयरी संचालित हो रही है। इनको शहर से बाहर करने के लिए कई बार अभियान चले लेकिन कोई खास नतीजा नहीं निकला।