सैटेलाइट बस अड्डे के बाहर सवारियों को भरकर ले जाती डग्गेमार बस।
- फोटो : ब्यूूराे
दिल्ली-एनसीआर की तरफ भीड़ उमड़ने का फायदा अब डग्गामार वाहन चालक उठाने लगे हैं। आरएम दफ्तर और आरटीओ दफ्तर के पास स्थित सारसौल चौराहे से यह डग्गामार बस सवारियों को बैठाकर पलवल-बल्लभगढ़ के लिए फर्राटा भर रही हैं, लेकिन दोनों विभागों के अधिकारी इन बसों पर लगाम नहीं कस पा रहे हैं। डग्गामार बसों के लोग एक तो जबरन सवारियों को बैठाते हैं। अगर परिवहन निगम के कर्मचारी विरोध करते हैं तो उनसे बदतमीजी की जाती है। रोडवेज कर्मचारी फोटो खींचकर उच्चाधिकारियों को भेज तो रहे हैं, लेकिन अभी तक हालात जस के तस बने हुए हैं।
शनिवार सुबह नौ बजे से सैटेलाइट बस स्टैंड पर नोएडा-पलवल, दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों के लिए भीड़ उमड़ना प्रारंभ हो गई। एक घंटे में भीड़ अधिक बढ़ी तो रोडवेज बसें भर भरकर चलने लगीं। इसी दौरान कई निजी डग्गामार बस भी सक्रिय हो गईं। आरएम दफ्तर के बाहर पहले गाड़ी खड़ी होती है। यहां से कुछ लोग बस स्टैंड के अंदर जाकर सवारियों को बुलाते और बैठाकर रवाना हो जाते।
यह देख सैटेलाइट बस अड्डे के कर्मचारी भी बसों के फोटो खींच खींचकर और वीडियो बनाकर अपने उच्चाधिकारियों को भेजने लगे। इस दौरान डग्गामार बस के लोगों ने परिवहन निगम के कर्मचारी से बदतमीजी भी की। बड़ा सवाल यह है कि यह डग्गामारी परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के बाहर और आरटीओ दफ्तर के बगल में हो रही है। अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं, इसीलिए बेखौफ होकर डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक के साथ मिलकर फिर से अभियान चलाएंगे। हालांकि ऐसे डग्गामारों पर लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। अन्य जनपदों के दल भी लगाए गए हैं। बिना रूट या बिना परमिट मिलने पर दस हजार रुपये का चालान किया जाता है, जबकि बार-बार मिलने पर मौजूद परमिट को निरस्त करने और बस को सीज करने की कार्रवाई भी की जाती है।
-फरीदउद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन