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एएमयू के छात्रों की जद बाब-ए-सैयद बाकी छात्रों का पूरा देश, मुनासिब नहीं 

Thu, 19 Dec 2019 09:33 PM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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एएमयू के हिंदी विभाग के प्रोफेसर अजीत बिसारिया ने कहा कि एएमयू के छात्रों की जद बाब-ए-सैयद है, बाकी छात्रों की जद पूरा देश है। यह तो मुनासिब नहीं है। मतलब, हम पहले ही मान चुके हैं कि यहां के छात्र बाहर निकलेंगे तो हंगामा मचाएंगे।
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डॉ. बिसारिया ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि 15 दिसंबर की रात यकायक घटना घटी। किसी को इस बारे में पता नहीं था। ऐसा कुछ होने जा रहा है। एक अफवाह फैली। इसका खंडन एएमयू इंतजामिया या जिला प्रशासन कर पाता है कि यह अफवाह पूरी तरह से फैल गई। छात्रों के साथ बाहरी लोग शामिल हो गए। इससे मुठभेड़ की स्थिति बनी।


इंतजामिया ने इस बात को भांपा और पुलिस प्रशासन से मदद ली। पुलिस ने स्थिति को संभाला। इंतजामिया ने यूनिवर्सिटी में छुट्टी कर दी। इस मामले की जांच करने के लिए टीम गठित कर दी। जांच में पता चल पाएगा कि छात्रों, बाहरी व पुलिस की भूमिका क्या थी। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में विरोध करना, मार्च निकालना, ज्ञापन देना एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
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इसे नहीं रोका जाना चाहिए। दुर्भाग्यवश आजकल ऐसा समझा जाता है कि विरोध सरकार या राष्ट्र के खिलाफ होता है, लेकिन यह लोकतांत्रिक देश में एक सामान्य सी बात है। लोग अपनी बातों को अवगत कराना चाहते हैं। उनकी बातों को सुना जाना चाहिए। 


सरकार से किया सवाल 
डॉ. अजीत ने कहा कि सरकार ने अमरनाथ यात्रा निरस्त कर दी। वजह बताई कि जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था ठीक नहीं। पता यह चला कि सरकार को अनुच्छेद 370 खत्म करना था। किसी ने इस पर सरकार से सवाल नहीं किया। पहले भी विरोध प्रदर्शन होते थे। लेकिन अब विरोध दबाने की कोशिश की जाती है। कोई बिल आने से पहले लोगों की राय ली जाती थी। अब अचानक बिल ले आया जाता है।

छात्रों की राय लेनी चाहिए
देश के भविष्य यानी छात्रों की राय लेनी चाहिए। उन्हें राय रखने के लिए मौका भी देना चाहिए। 18 साल के युवाओं को अगर वोट का अधिकार दिया है, तो विश्वविद्यालय का हर एक विद्यार्थी भी वोटर है। वह भारत का उतना ही नागरिक है, जितना प्रधानमंत्री हैं। छात्रों की राय का महत्व है। 

एएमयू में आईटी सेल गठित 
एएमयू में आईटी सेल गठित कर दी गई, जो सोशल साइट पर नजर रखेगी। बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। कुलपति ने प्रकरण की जांच कमेटी व आईटी सेल गठित करने की बात कही। सेल की टीम सोशल साइट्स पर प्रसारित चीजों पर नजर रखेगी।
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