21वीं राष्ट्रीय रोड साइकिलिंग चैंपियनशिप में पहले दो दिन राजस्थान के खिलाड़ियों का जलवा रहा। टीम ने दो स्वर्ण समेत सात पदकों पर कब्जा जमाया। दो स्वर्ण समेत सात पदक जीतने वाली कर्नाटका की टीम दूसरे स्थान पर रही।
इधर 60 किमी टीम टाइम ट्रायल में पिछली चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता सर्विसेज की टीम ने इस बार स्वर्ण पदक जीतकर परचम लहरा दिया। पिछली बार की चैंपियन टीम रेलवे फिसड्डी साबित हुई।
40 किमी इंडिविजुअल टाइम ट्रायल में पिछली बार के चैंपियन अरविंद पंवार को हराकर कर्नाटका के नवीन जान ने स्वर्ण पदक हासिल किया। 60 किमी टीम टाइम ट्रायल मैन इलीट में सर्विसेज की टीम को दीवाली न मनाकर अभ्यास का इनाम स्वर्ण पदक के रूप में मिला। बताते चलें कि पिछली बार रेलवे चैंपियन बनी थी और सर्विसेज की टीम को रजत से संतोष करना पड़ा था। जबकि पिछली बार तीसरे स्थान पर रहने वाली राजस्थान की टीम ने इस बार रजत हासिल किया।
30 किमी वीमेन इलीट टीम टाइम ट्रायल में पिछली बार चौथे स्थान पर रहने वाली महाराष्ट्र की टीम ने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। जबकि पिछली बार की चैंपियन केरला फिसड्डी साबित हुई। कर्नाटका ने रजत और हरियाणा ने कांस्य पदक जीता। 40 किमी इंडिविजुअल टाइम ट्रायल में पिछले गेम्स में तीसरे स्थान पर रहने वाले राजस्थान के दिनेश कुमार ने स्वर्ण पदक जीता।
40 किमी मैन जूनियर टीम टाइम ट्रायल में पिछली प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रही राजस्थान की टीम ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। हरियाणा को रजत तो पिछली चैंपियन कर्नाटका की टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। 10 किमी यूथ ब्वॉयज टाइम ट्रायल में राजस्थान के मान सिंह चंडीर ने पिछली बार के चैंपियन प्रशांत ई को एक मिनट से अधिक अंतर से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
साइकिलिंग फेडेरेशन ऑफ इंडिया और इसकी यूपी इकाई की उपेक्षा के चलते विशाल गेस्ट हाउस में ठहरे यूपी के खिलाड़ी जमीन पर सो रहे हैं। बन्नादेवी के पास इस गेस्ट हाउस में ठहरे साइकिलिस्टों को सोने के लिये एक अदद पलंग और कमरा तक नहीं मिला। खिलाड़ी बरामदे में ही जमीन पर गद्दे डालकर सोने पर मजबूर हैं। कोच शशांक शर्मा ने बताया कि न एसोसिएशन, न फेडरेशन की ओर से ट्रैक सूट मिले हैं।
साइकिलें भी गेस्ट हाउस के लाज की गैलरी में खड़ी करवाई गई हैं। खिलाड़ी लव कुमार, रोहित यादव, सनी, विकास चौधरी, विपिन पनवर, सत्यम यादव, नीरज यादव, मुलायम सिंह यादव, निकास चौधरी, शिवम कसाना, केशव शर्मा, अंकित शर्मा, मोनू, शमशे आलम, अर्जित सिंह व संतोष कुमार, नेहा सिंह व दीपाली सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हमें देने के लिये साइकिलें मंगाई थी। वह कहां गई पता नही..?
चार मेडल जीतने वाले तथा फरवरी माह में साउथ एशियन गेम्स में 40 किमी व इंडीविजुअल टाइम ट्रायल में गोल्ड जीतने वाले मेरठ के अरविंद पवार व सिल्वर जीतने वाले मुदित शर्मा ने बताया कि उन्हें ट्रैक सूट के बजाय एटलस साइकिल की ओर से मिलने वाली बनियानें दी गई हैं। इधर, आयोजन समिति के चेयरमैन एवं सीडीओ डीएस सचान ने ठहराने की व्यवस्था में खामी के आरोपों से इंकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि यूपी की टीम के 35 खिलाड़ियों के लिये नौ बड़े बड़े कमरे दिये गए हैं। इनमें हर खिलाड़ी के लिये गद्दा है। यह लोग यूपी साइकिलिंग एसोसिएशन व फेडरेशन से नाराज हैं। इसलिए छोटी मोटी बातों को बेवजह तूल दे रहे हैं। हरेक खिलाड़ी की हर सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। अगर फिर भी कोई बात है तो रात में ही समाधान होगा।