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साइबर हैकरों ने डॉक्टर के खाते से लाखों उड़ाए

Tue, 17 Oct 2017 02:36 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
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क्वार्सी पुलिस द्वारा पकड़ा गया नाइजीरिया का युवक और एक अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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महानगर के नामचीन डॉक्टर कुमार नर्सिंग होम के संचालक के डॉक्टर बेटे से मुंबई में बैठकर नाइजीरियायी हैकर ने ऑनलाइन पांच लाख की ठगी कर ली। जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर को खुद के साथ हुई इस ठगी का अहसास भी नहीं हुआ। जब एक ही रात में पांच लाख रुपये खाते से गायब होने के कई एसएमएस धड़ाधड़ आए, तो पुलिस की मदद ली। पुलिस की मदद से इतना हुआ कि 2.17 लाख रुपया वापस आ गया। बाद में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया। पुलिस ने मुंबई में दबिश देकर नाइजीरियायी हैकर और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया।
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नाइजीरियायी की गिरफ्तारी से एलआईयू के माध्यम से दूतावास को भी अवगत करा दिया गया है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि रामघाट रोड निवासी डॉ. पी कुमार के बेटे डॉ. संदीप कुमार जेएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर हैं। वाकया 25 जुलाई का है, जब उन्हें उनकी ई-मेल आईडी पर एक मेल कथित रूप से आयकर विभाग की ओर से मिला, जिसमें उल्लेख था कि आपके द्वारा भरे गए रिफंड में 1175 रुपये अतिरिक्त जमा हो गए हैं, उन्हें आप अपने मोबाइल पर आने वाले लिंक पर कुछ जानकारियां भरकर वापस ले सकते हैं। इसके कुछ देर बाद उन्हें एसएमएस के जरिये एक लिंक मिला। इस लिंक को जैसे ही उन्होंने अपने मोबाइल पर सर्च किया तो आयकर संबंधी एक फेक पेज सामने आया, जिसमें उनके बैंक अकाउंट संबंधी कुछ जानकारियां मांगी गईं। वह जानकारियां खुद डॉक्टर ने भर दीं। इस दौरान कई फर्जी नंबरों से संदीप के मेल पर कुछ एसएमएस भेजे गए। इसी दौरान संदीप से उनके बैंक अकाउंट का ओटीपी जान लिया गया। इसके बाद 26/27 की रात में उनके खाते से कई बार में पे-यू के जरिये पांच लाख रुपया यस बैंक के वॉलेट अकाउंट में ट्रांसफर करा लिया गया। इस दौरान संदीप को जब रकम ट्रांसफर होने के एसएमएस मिले, तो वह दंग रह गए। 27 की सुबह वह एसएसपी से मिले और यस बैंक के वॉलेट अकाउंट में ट्रांसफर रोकने की प्रक्रिया अपनाई गई। मगर तब तक 2.17 लाख रुपया ही वॉलेट अकाउंट से हैकरों तक पहुंचना बचा था। 2.17 लाख रुपया संदीप के खाते में वापस करा दिया गया। 

इसके बाद पुलिस ने संदीप की ओर से क्वार्सी थाने में मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की तो साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन मुंबई में ट्रेस हुई। यहां क्वार्सी से एक टीम मुंबई भेजी गई। मुंबई पुलिस की मदद से दो आरोपी अविनाश दीक्षित पुत्र आनंत विनायक दीक्षित निवासी 175 इमामबाड़ा, लक्ष्मी नारायण बिल्डिंग द्वितीय फ्लोर जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन मुंबई व फ्रांसिस पुत्र अनेमिके निवासी अंबुजा हेडक्वार्टर नाइजीरिया मौजूदा पता एयर इंडिया कॉलोनी सांता क्रूज मुंबई को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में इन दोनों ने डॉ. संदीप से ठगी स्वीकारी और ठगी में प्रयुक्त दो मोबाइल व सिम बरामद कराए। प्रेसवार्ता में एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ संजीव दीक्षित मौजूद रहे। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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ऐसे ठगी करते थे दोनों हैकर
सीओ संजीव दीक्षित के निर्देशन में गठित जांच दल के सदस्य आगरा साइबर सेल के विशाल व अलीगढ़ सर्विलांस के अंजर ने दोनों को ट्रेस कर लिया। यहां से गिरफ्तारी के लिए एसआई रफीक मोहम्मद व अमित कुमार को मुंबई भेजा गया। वहां की पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार किया। वहां दोनों ने बताया कि वह लोगों को बैंक या अन्य किसी संस्था का कर्मचारी बताकर फोन करते थे और उनके आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर व अन्य आईडी प्रूफ प्राप्त कर बैंक खातों को हैक कर पैसा निकालते थे। उन्होेंने बताया कि वह जिसका बैंक खाता हैक करते हैं, उसको फर्जी वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.स्पार्कपोस्टमेल.कॉम से ईमेल कर उसे लालच देकर उसके बैंक खाते का नंबर, आधार कार्ड व अन्य आईडी प्राप्त कर लेते थे। उन सभी जानकारियों के द्वारा बैंक खाता हैक करते थे। फिर एक एप्लीकेशन उसके मोबाइल पर इंस्टाल कराते थे, जिसके माध्यम से विभिन्न फर्जी नंबरों पर उसके मोबाइल एसएमएस को फारवर्ड कर लेते थे। फिर खाता धारक के मोबाइल नंबर को अपने द्वारा लिए गए फर्जी नंबरों पर फारवर्ड करके पासवर्ड का ओटीपी प्राप्त कर लेते थे। खातों से पैसा निकाल लेते थे। खातों की सारी रकम को एयरटेल के कई पोर्टल बनाकर उसमें ट्रांसफर कर देते थे। वहां से पे-यू में ट्रांसफर करते थे। फिर यहां से यस बैंक के वॉलेट में ट्रांसफर कराते थे। उसके बाद एचडीएफसी के अकाउंट नंबर 15731080000055 में ट्रांसफर करते थे, जो कि फर्जी पते पर खुला है। जब भी पैसे की जरूरत पड़ती, तो ये लोग अन्य बैंकों में ट्रांसफर कराकर रुपये का प्रयोग करते थे। 
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