पिछले वर्ष अक्टूबर माह में शहर के निरंजनपुरी इलाके निजी कंपनी में सेवारत इंजीनियर युवती से डिजिटल अरेस्ट कर 16 लाख रुपये ठगे गए थे। इसी तरह इस वर्ष जनवरी माह में इंडोनेशिया आई शिक्षिका से शेयर ट्रेडिंग निवेश के नाम पर 52 लाख रुपये ठगे गए। दोनों मामलों में ठगी गई रकम जिन खातों में पहुंची, उसके तीसरी-चौथी लेयर के खातों की रकम होल्ड कराई गई। उनमें कुछ खाते केरला के भी थे।
साइबर एक्सपर्ट ले रहे क्रिप्टो करंसी की जांच का प्रशिक्षण
साइबर ठगी की रकम को साइबर ठग क्रिप्टो करंसी में बदल रहे हैं। ये अब अधिकांश साइबर ठगी के मामलों में सामने आ रहा है। इसे लेकर गृह मंत्रालय द्वारा जयपुर में देश भर के साइबर एक्सपर्टों को क्रिप्टो करंसी का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। जिसमें अलीगढ़ से भी दो लोग वहां गए हैं, जिन्हें ये बताया जा रहा है कि ठगी के मामलों में रकम से अगर क्रिप्टो करंसी व यूएसडीटी खरीदी जा रही है तो हमें विवेचना किस तरह पूरी करनी है। इसके अलावा वहां डार्क वेब क्राइम की जांच के विषय में भी जानकारी दी जा रही है।