साइबर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर रैकेट का खुलासा करते हुए हैकर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह जमतारा सहित देश के अन्य कोनों में बैठे हैकरों को फर्जी पेटीएम बैंक एकाउंट बनाकर बेचता था। फिर उन पेटीएम एकाउंटों में ऑनलाइन ठगी के जरिये आने वाली रकम से कमीशन वसूलता था। अकेले इस हैकर ने तीन साल में करीब 900 फर्जी पेटीएम एकाउंट बेच लिए हैं, जो ऑनलाइन ठगी में काम लिए जा रहे हैं। पुलिस का अनुमान है कि इस हैकर गैंग ने कई हजार लोगों को कई करोड़ रुपये की चपत लगाई है। इससे संबंधित सभी बैंक एकाउंट सीज कराकर उनकी जांच कराई जा रही है। रैकेट के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी पर काम किया जा रहा है।
साइबर हैकिंग व ऑनलाइन ठगी के खिलाफ इस बड़ी सफलता पर बृहस्पतिवार को आईजी पीयूष मोर्डिया व एसएसपी मुनिराज जी ने संयुक्त प्रेसवार्ता में जानकारी दी। पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में आईजी ने बताया कि रेंज स्तरीय साइबर थाने का पहला मुकदमा मामू भांजा मंदिर वाली गली निवासी डॉ. पल्लवी अग्रवाल पुत्री संजय अग्रवाल ने दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने अज्ञात हैकर पर गूगल पे का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर खुद के साथ एक लाख 34 हजार 960 रुपये की ऑनलाइन ठगी का आरोप लगाया था। इस पहले मुकदमे की साइबर थाना टीम ने आईपीएस/एएसपी विकास कुमार की अगुवाई में जांच की तो चार अलग-अलग चरणों की तकनीकी जांच के बाद ऑनलाइन ठगी का बेस तैयार करने वाले हैकर के रूप में मुख्य आरोपी 22 वर्षीय अफरोज अब्बासी पुत्र शहाबुद्दीन निवासी वार्ड नंबर 12 कृष्णा नगर नगर पंचायत निचलौल महाराजगंज का नाम सामने आया। कई महीने के प्रयास के बाद उसे साइबर थाना टीम ने गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया।
आईजी के अनुसार पूछताछ में उसने स्वीकारा कि वह वर्ष 2017 से इस ध्ंाधे में है। वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम खरीदकर ठगी करता है। उसने बताया कि वह फर्जी सिम और फर्जी दस्तावेजों के जरिये फर्जी पेटीएम बैंक एकाउंट बनाता है। फिर वे एकाउंट जमतारा व देश के अन्य कोनों में बैठे साइबर हैकरों को बेचता है। वही साइबर हैकर लोगों से ठगी करके उस एकाउंट में ऑनलाइन ठगकर रुपये ट्रांसफर करते हैं। उस फर्जी पेटीएम बैंक एकाउंट से रुपये दूसरे बैंक एकाउंट में पहुंचाए जाते हैं और फिर एटीएम कार्ड की मदद से रुपये निकाल लिए जाते हैं। इस ठगी में उसे अच्छा-खासा कमीशन मिलता है। उसने अब तक 900 सिम के जरिये नए पेटीएम एकाउंट खोलकर बेचना और कई हजार लोगों से कई करोड़ रुपये की ठगी स्वीकारी है। साथ ही अपने रैकेट में 40 से ज्यादा लोगों का होना स्वीकारा है। उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप भी है। इस खुलासे में साइबर टीम के निरीक्षक सुरेंद्र कुमार, एसआई मनोज कुमार, महेश कुमार, हैड कांस्टेबल महेंद्र प्रताप सिंह, अतुल कुमार गुप्ता, सिपाही विवेक कुमार, धीरज त्यागी, अजीत कुमार, अमर कुमार आदि शामिल रहे।
ये हुआ बरामद
गिरफ्तार आरोपी से 1 लैपटाप, 7 एंड्राइड मोबाइल, 1 कीपैड मोबाइल, 56 सिम कार्ड, 1 पैन ड्राइव, 1 थंब स्कैनर, 1 डीएसएलआर कैमरा, 16 डेबिट कार्ड , 1 चेक बुक, 1 ड्राइविंग लाइसेंस, 1 पैन कार्ड, 1 प्रधानमंत्री जन आरोग्य कार्ड , 1 मोहर मय स्टाप पैड, 1 आधार कार्ड, 1 वायर लैस ईयर ब्लूटूथ, 1 वाईफाई (हुवाई), 2 ओटीजी कनेक्टर आदि।
साइबर क्राइम घटना के खुलासे को लेकर प्रेसवार्ता में जानकारी देते आईजी पियूष मोर्डिया- फोटो : CITY OFFICE