मैरिस रोड स्थित यस बैंक शाखा से रुपये न निकलने पर परिजनों को सूचना देती महिला।
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वित्तीय संकट में फंसे यस बैंक पर रिजर्व बैंक द्वारा लगाई गई मौद्रिक सीमा का असर लगातार दूसरे दिन भी नजर आया। मात्र 50 हजार रुपये निकालने की तय सीमा से ग्राहक बेहद चिंतित नजर आए। ऊपर से दोपहर एक बजे तक मैरिस रोड स्थित यस बैंक शाखा में कैश की कमी ने उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया। सुबह से पैसा निकालने के लिए लाइन में लगे ग्राहकों का इंतजार दोपहर एक बजे बाद आये कैश से खत्म हुआ, लेकिन इसके बाद मात्र टोकन लेने वाले 100 ग्राहकों को ही पैसा निकालने की छूट देने से कई ग्राहक गुस्से में बैंक को कोसते नजर आए। लोग बैंक कर्मियों गुहार करते भी दिखे। उन्हें अपनी परेशानियां बता रहे थे। एक महिला ने कहा कि उनके पति की किडनी का ऑपरेशन है। डेढ़ लाख रुपये की जरूरत है। महिला काफी देर तक परेशान रहीं।
यस बैंक कॉरपोरेट कम्युनिकेशन की स्वाति सिंह की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 5 मार्च, 2020 को जारी प्रेस रिलीज और वित्त मंत्रालय द्वारा 5 मार्च, 2020 को जारी अधिसूचना, एसओ 993 (ई) के जरिए येस बैंक के लिए 3 अप्रैल, 2020 तक निलंबन आदेश जारी किया गया है। जमाकर्ताओं के लिए 50 हजार रुपये की निकासी सीमा निर्धारित की गई है, जो कि पूरी निलंबन अवधि के लिए कुल सीमा होगी। उक्त अवधि के दौरान ग्राहक अपने खातों से कुल 50 हजार रुपये निकाल सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा येस बैंक के लिए नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर प्रशांत कुमार ने कहा कि जमाकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए और बैंक के प्रति उनके भरोसे को बहाल करने हेतु येस बैंक को वर्तमान निलंबन आदेश जारी किया गया है। तीस दिनों की निलंबन अवधि से भी पहले बैंक को पटरी पर लाने के लिए समाधान ढूंढे जा रहे हैं। ग्राहकों के लिए आसान ट्रांजेक्शन सुनिश्चित करने हेतु बैंक द्वारा आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं। हम जमाकर्ताओं को आश्वस्त करते हैं कि उनका पैसा सुरक्षित है और घबड़ाने की कोई बात नहीं है। हमें उम्मीद है कि जमाकर्ता हमेशा हमारा साथ देंगे।
बैंक ग्राहक कुसुमलता का कहना है कि उन्हें फर्म के कर्मचारियों को होली से पहले तनख्वाह देनी है। फर्म का सैलरी एकाउंट येस बैंक की मैरिस रोड शाखा में है। लेकिन मात्र 50 हजार रुपये निकालने की बाध्यता और प्रबंधन द्वारा मात्र टोकन लेने वालों को ही पैसा देने की जिद से मुश्किल खड़ी हो गई है। सुबह से घंटों लाइन में लगी हूं। पता नहीं क्या होगा। बैंक के एक और ग्राहक मृदुल शांडिल्य ने बताया कि वे अध्यापक हैं। उनका सेलरी एकाउंट मैरिस रोड शाखा में है। वे शुक्रवार को भी लाइन में लगे थे, जब दोपहर दो बजे कैश खत्म हो गया तो वापस लौटना पड़ा। शनिवार को भी सुबह से लाइन में खड़ा रहना पड़ा।