सीआरपीएफ जवान राजकुमार गाजियाबाद के यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती थे। 23 मार्च को उनका निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर खैर के गांव भानेरा पहुंचा, जहां सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
खैर के गांव भानेरा निवासी 51 वर्षीय राजुकमार पुत्र सरनाम सिंह की लंबी बीमारी के उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव में शव पहुंचते ही हाहाकार मच गया। सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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राजकुमार को 1994 में दिल्ली सीआरपीएफ में पहली तैनाती मिली थी। स्थानांतरणों के बाद वह दिल्ली में ही वाटर कैरियर सिपाही के पद पर तैनात थे। राजकुमार पिछले एक साल से गंभीर बीमारी से ग्रसित थे और गाजियाबाद के यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती थे। 23 मार्च की रात को उपचार के दौरान राजकुमार ने दम तोड़ दिया।
राजकुमार अपने परिवार में पांच भाइयों में तीसरे नंबर के थे। वह अपने पीछे दो शादीशुदा बेट, एक गैर शादीशुद, एक बेटा और पत्नी को रोता-बिलखता छोड़ गया। उनके पुत्र विवेक ने मुखग्नि देकर सैनिक सम्मान से पिता का अंतिम संस्कार किया।