मस्ती के बीच भूल गए, सामने वन्यजीव था
मजाक और रोमांच के बीच यह बात नजरअंदाज रही कि रस्सियों में बंधा मगरमच्छ भी खतरनाक वन्यजीव है। उसके मुंह के पास हाथ ले जाना, उसे छूना या उठाना ग्रामीणों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। भीड़ और लगातार छेड़छाड़ से वन्यजीव का तनाव भी बढ़ सकता है।
वन्यजीव सिर्फ जंगल में नहीं होते
चार सितंबर के राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस से एक दिन पहले सामने आईं ये तस्वीरें एक बड़ा सवाल छोड़ती हैं—क्या वन्यजीव को पकड़कर सुरक्षित जगह छोड़ देना ही संरक्षण है? रुस्तम नगर में ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम की मदद की, लेकिन उसके बाद का व्यवहार बताता है कि संरक्षण के साथ सही व्यवहार की समझ भी जरूरी है। वन्यजीव आबादी में पहुंचे तो उसे घेरने, छूने या फोटो के लिए उठाने के बजाय लोगों को दूर रखना और वन विभाग को सूचना देना ही सुरक्षित तरीका है। वन्यजीव संरक्षण की शुरुआत जंगल से नहीं, हमारे व्यवहार से होती है।
मगरमच्छ सामने आए तो क्या करें
- दूरी बनाएं।
- भीड़ हटाएं।
- बच्चों को पास न जाने दें।
- उसे छूने, उठाने या मुंह खोलने की कोशिश न करें।
- वन विभाग को सूचना दें और रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक रास्ता खाली रखें। क्योंकि वन्यजीव के साथ सबसे बड़ी बहादुरी उसे छूना नहीं, उससे सुरक्षित दूरी बनाना है।