इगलास में फर्नेश कारोबारी अपहरण कांड का आरोपी कुख्यात अपराधी विनोद पथैना बृहस्पतिवार को दीवानी न्यायालय में पेश किया गया। इगलास पुलिस के तलबी वारंट पर उसे भरतपुर की सेवर जेल से राजस्थान पुलिस कड़ी सुरक्षा में यहां लेकर आई। न्यायालय में अपहरण कांड में रिमांड की औपचारिकताओं के बाद उसे वापस ले जाया गया। इस तरह अब इस अपहरण कांड में उसके खिलाफ भी जल्द ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। बता दें कि विनोद पथैना पर इस अपहरण में 50 हजार रुपये का इनाम था। आठ माह पहले उसे आगरा में डेढ़ लाख का इनामी होने पर पकड़ा गया था।
वाकया 16 जून 2020 का है। महानगर के शीशियापाड़ा के फर्नेश कारोबारी अपनी फैक्टरी जा रहे थे, तभी इगलास क्षेत्र में उनको अगवा किया गया। बाद में उन्हीं के मोबाइल से उनके परिवार को फोन कर छह लाख रुपये की फिरौती वसूलकर छोड़ गया। घटना में मोबाइल की कॉल रिकार्डिंग के आधार पर हाथरस के मुरसान क्षेत्र के कुख्यात अपराधी पुलिस के बर्खास्त सिपाही विनोद जाट व भरतपुर राजस्थान के विनोद पथैना का नाम सामने आया। इसके अलावा उनके कुछ अन्य साथियों के नाम भी आए। चार आरोपियों को पुलिस पूर्व में जेल भेज चुकी है, जबकि विनोद जाट ने 50 हजार का इनाम घोषित होने पर पुलिस दबाव के चलते आगरा में आत्मसमर्पण किया था। मगर पथैना फरार चल रहा था। इधर, इस मुकदमे का यहां एडीजे प्रथम की अदालत में ट्रायल भी जारी है।
विनोद पथैना पर आगरा पुलिस ने भी इनाम बढ़ाया था, जिसके चलते वह डेढ़ लाख का इनामी हुआ और करीब आठ माह पूर्व उसे मुठभेड़ में पकड़ा गया। जहां उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। कुछ दिन आगरा जेल में रहने के बाद वह मथुरा जेल पहुंचा और अब लंबे समय से भरतपुर की सेवर जेल में है। इधर, अपहरण के मुकदमे में इगलास थाने के विवेचक ने उसे न्यायालय के जरिये तलब कराया। इस पर बृहस्पतिवार को राजस्थान पुलिस उसे यहां लेकर आई और एसीजेएम द्वितीय की अदालत में पेश किया। जहां उस पर फर्नेश कारोबारी अपहरण कांड के मुकदमे का रिमांड तामील कराया गया। इस प्रक्रिया के बाद उसे वापस सेवर ले जाया गया। अब विनोद पथैना की पत्रावली को भी सत्र परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। जल्द ही पथैना के खिलाफ भी ट्रायल शुरू हो सकेगा। बता दें कि विनोद जाट अलीगढ़ जेल में ही निरुद्ध है।