सोमवार को तहसील क्षेत्र के गांव चाऊपुर हौज में ढाय खिसकने से कुएं में काम कर रहे दो मजदूर दब गए। इनमें से एक मजदूर को तो आनन फानन में ऊपर खींच लिया गया लेकिन दूसरा मजदूर मिट्टी के ढेर में दब गया। करीब तीन घंटे बाद उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव चाऊपुर हौज निवासी सोरन सिंह पुत्र चुन्नी सिंह का गांव में एएनएम सेंटर के निकट पुराना कुआं है। इस कुएं से ईंट निकलवाने के लिए उन्होंने गांव पिलखुनी के चार मजदूरों को साढ़े पांच हजार रुपये में ठेका दिया था। पिलखुनी के हर प्रसाद पुत्र छत्रपाल सिंह, धीरज पुत्र गुलाब सिंह, बंटी पुत्र जंगली सिंह व सुशील पुत्र प्रताप सिंह कुएं से ईंट निकाल रहे थे।
हर प्रसाद व धीरज अंदर कुएं के अंदर खुदाई कर रहे थे जबकि बंटी व सुशील बाहर खड़े होकर अंदर से ईंट व मिट्टी खींच रहे थे। इसी दौरान कुएं की ढाय खिसक गई, जिसमें हर प्रसाद व धीरज दब गए। धीरज को आननफानन बाहर खींच लिया गया जबकि हर प्रसाद के ऊपर ऊपर मिट्टी अधिक गिरने से बाहर नहीं निकाला जा सका। मजदूरों के शोर मचाने पर तमाम लोग पहुंच गए। ब्लॉक प्रमुख केहर सिंह राजपूत, कोतवाल आरके सिंह व एफएसओ नन्नूमल शर्मा, विनोद यादव मौके पर पहुंच गए। जेसीबी मंगवाकर खुदाई कराई गई। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हर प्रसाद को बाहर निकाला जा सका। उन्हें लेकर लोग सीएचसी पहुंचे जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
दमकल टीम के पास नहीं थी रस्सी व सीढ़ी:
घटना स्थल पर पहुंची दमकल विभाग की टीम के पास रस्सी और सीढ़ी तक नहीं थी। यह टीम सिर्फ खुदाई के बाबत निर्देश देती रही। इस विकट परिस्थिति में दमकल टीम के पास संसाधन न होने को लेकर लोग तमाम सवाल उठाते रहे।
चाचा-भतीजे ने कुएं में घुसने की जुटाई हिम्मत
अतरौली। जेसीबी से मिट्टी हटाने के बाद कई बार कुएं में घुसकर फावड़ा चलाकर मिट्टी हटाने की जरूरत पड़ी। किसी की कुएं के अंदर घुसने की हिम्मत नहीं हो रही थी इस पर गांव चाऊपुर चाचा-भतीजे महेंद्र सिंह व प्रेमवीर सिंह ने हिम्मत कर कुएं के अंदर घुसकर मिट्टी हटाई और हर प्रसाद को बाहर निकालने में मदद की। भीषण गर्मी के कारण महेंद्र भी कुएं के बाहर आकर बेहोश हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज दिलाया गया। कुएं में दबे मजदूर धीर पैरों से दिव्यांग हैं।