थाना सिविल लाइन के शमशाद मार्केट के फुटपाथ पर रहने वाली एक बेसहारा महिला के पछले चार महीने में दो अबोध बच्चे लापता हो गए। कानून और थाने चौकी से अनजान महिला ने बच्चे का फोटो फुटपाथ के पेड़ पर टांग दिया।
इस बात की जानकारी जब एसएसपी को मिली तो वह खुद मौके पर पहुंचे और थाना सिविल लाइन प्रभारी को बुला कर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही एसएसपी ने इस घटना पर अपना नजरिया भी जाहिर किया कि इस गरीब महिला की किसी ने नहीं सुनी क्योंकि वह गरीबी रेखा के अन्तिम पायदान पर है। समाज ने उसे सामाजिक संरचना में कोई स्थान नहीं दिया ।
मीना देवी (34 वर्ष) पत्नी कन्हैया मूल रूप से छोटी कसेर, थाना डिबाई जिला बुलंदशर की रहने वाली है। इस समय शमशाद मार्केट के फुटपाथ पर रह रही है। मजूदरी का काम कनरे वाले उसके पति के लापता होने के बाद उसकी मुशकिलें बढ़ गई। बड़ा लड़का राहुल बिरयानी के ठेले पर मजदूरी करता है।
लगभग 4 माह पहले जब अपने बच्चों के साथ फुटपाथ पर सो रही थी, तब रात में कोई उसके 4 महीने के बच्चे को चोरी कर ले गया। फुटपाथ पर खोखे, रेहडी लगाने वाले लोगों से गुहार की। सभी लोगों ने सलाह बहुत दी, पर मदद किसी ने नहीं की। अभी पहले बच्चे का पता भी नहीं चला था कि 10 दिन पहले रात में जब वह बड़े बेटे व बेटी के साथ फुटपाथ पर सो रही थी, तो कोई उसकी बेटी को भी चोरी कर ले गया।
इसके बाद फिर उसने मदद की गुहार की लेकिन कोई आगे नहीं आया। इसके बाद एसएसपी के ड्राइवर मो. हनीफ ने उनको बताया। दो बार प्रयास करने के बाद महिला फुटपाथ पर मिली तो एसएसपी खुद मौके पर पहुंचे। महिला एसएसपी को फुटपाथ पर अशोक के पेड़ की डाल पर धागे में लटकाई हुई अपनी बेटी काजल की पासपोर्ट साइज की फोटो दिखा कर रोने लगी और कहने लगी ‘मैंने फोटो भी टांग दी, फिर भी कोई नहीं बता रहा है।
उसकी यह व्यथा, पीड़ा, गुस्सा और बेबसी देखकर एसएसपी स्तब्ध रह गए। थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक को बुलाकर तुरंत मुकदमा कायम कराया गया। टीम बनवायी और बच्चों के बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है।