कर्ज से परेशान व्यापारी अवधेश रुंगटा के आत्महत्या की कोशिश से जहां घर में कोहराम मच गया, वहीं व्यापारी वर्ग उनके इस कदम से हैरान है। पति के रिवाल्वर से खुद को शूट करने की कोशिश के बाद से आपा खोईं पत्नी प्रियंका नर्सिंग होम में इलाज के दौरान रह-रह कर बोल रही थीं, मेरी पूरी संपत्ति ले लो लेकिन मेरे पति को बचा लो। इस बीच नर्सिंग होम पर बढ़ती व्यापारियों की भीड़ के बीच एक ही सवाल उठ रहा था कि आखिर अवधेश रुंगटा को जान देने की कोशिश की नौबत क्यों आई।
गोली लगने के बाद रुंगटा को जिस नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, वहां के डॉक्टर भी उसी अंबेश्वरी पैलेस में रहते हैं, जिसमें रुंगटा परिवार रहता है। लिहाजा डॉक्टर पड़ोसी की भूमिका भी निभा रहे थे। रुंगटा की स्थिति देख नर्सिंग होम से लखनऊ रेफर कर दिया। इस बीच पड़ोसी से लेकर वहां जुटे व्यापारियों में घटना की ही चर्चा रही। कोई इसे व्यापारिक घाटे की वजह मान रहा था तो कई लोग घटना के पीछे पारिवारिक खींचतान की गुंजाइश भी देख रहे थे। इस मत के समर्थकों का कहना था कि गीडा की फैक्ट्री के काम में भाई की साझेदारी को लेकर भीतर की चीजें बहुत अच्छी नहीं चल रही थीं। इससे बढ़े तनाव को उन्होंने अपने कुछ मित्रों से भी साझा किया था।
कैंट थाने के इंस्पेक्टर मनोज पाठक ने कहा अंबेश्वरी पैलेस की हाउसिंग सोसायटी की तरफ से व्यापारी के आत्महत्या की कोशिश की सूचना मिली है। व्यापारी के परिजन थाने नहीं आए और न ही तहरीर दी है। अन्य व्यापारियों के बीच की चर्चाओं पर भी पुलिस की निगाह है। तहरीर मिलने के बाद जांच तेज की जाएगी।
पुलिस को देर से मिली जानकारी
व्यापारी के खुद को गोली मारने की जानकारी पुलिस को देर से मिल सकी। इस पर पुलिस अफसरों ने नाराजगी भी जताई है। नर्सिंग होम संचालक से कहा कि घायल का इलाज प्राथमिकता पर करें लेकिन इस तरह के मामलों में पुलिस को भी सूचित किया करें। पुलिस को सूचित किए बगैर इलाज में दिक्कत आ सकती है। इसका सामना भी पीड़ित परिवार को करना पड़ा है। जब घायल व्यापारी को निजी अस्पताल ले जाने की बात हुई तो अंबेश्वरी पैलेस हाउसिंग सोसायटी ने लिखकर दिया कि अवधेश रुंगटा ने खुद को गोली मारी है। इसके बाद ही व्यापारी का इलाज शुरू हो सका।