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नहीं सुनी नमक हरामी की दुहाई..मार दिया सास-बहू को

Sun, 30 Oct 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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नहीं सुनी नमक हरामी की दुहाई..मार दिया सास-बहू को - फोटो : Rupesh
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महानगर की पाश आवंतिका कालोनी फेस-2 में नामचीन कातिब राजकुमार शर्मा के घर दिनदहाड़े लूट के दौरान सास-बहू की हत्या का 72 घंटे में ही पुलिस ने खुलासा करते हुए दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। इस दुस्साहसिक वारदात को नौकर द्वारा बुलाए गए अड्डे के मजदूर ने अपने साथियों की मदद से अंजाम दिया। खास बात है कि जब सास ने उन्हें नमक हरामी (खाना खिलाने) की दुहाई दी, तो बदमाशों ने वह भी नहीं मानी और दोनों को बेरहमी से गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात में लूटा गया पूरा माल, जेवरात, पिस्टल, कारतूस आदि भी बरामद करा दिए हैं। जेवरात खरीदने वाले सर्राफ को भी पुलिस ने दबोच लिया है। अभी तीसरा लुटेरा फरार है, जिसकी सरगर्मी से तलाश चल रही है। इस खुलासे पर आईजी ने टीम को 15 हजार व एसएसपी ने पांच हजार के इनाम की घोषणा की है।
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एसएसपी राजेश पांडेय ने शनिवार शाम पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि बृहस्पतिवार 27 अक्तूबर को दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी की जब पड़ताल की गई तो 24 अक्तूबर में साइकिल पर वह दो युवक कॉलोनी से निकलते कैद थे, जो सफाई करके गए थे। इसके बाद 27 तारीख को उनमें से एक युवक बाइक पर पहले कॉलोनी में आते और फिर बैग लादकर जाते हुए कैद थे। वापसी में वह युवक पैदल बैग लेकर जा रहा था। इस पर उसी समय संदेह साफ हो गया था कि वारदात इन्हीं युवकों ने की है। इसके बाद राजकुमार शर्मा के बिल्डर मित्र के नौकर सुरूर को पूछताछ के लिए बुलाया गया। उसने बताया कि वह दो युवकों को कातिब के घर की सफाई के लिए 24-25 अक्तूबर को रामघाट रोड के क्वार्सी चुंगी स्थित अड्डे से बुलाकर लाया था। जिनके वह नाम-पते नहीं जानता। बाद में जब उसे 24 अक्तूबर और फिर 27 अक्तूबर की वीडियो फुटेज दिखाई तो वह देखते ही पहचान गया। उसने बताया कि पहले दिन में दोनों युवक हैं और दूसरी फुटेज में से उनमें से एक युवक है।
इस पर पुलिस ने फुटेज के आधार पर दोनों युवकों की तलाश मजदूरों के अड्डे पर शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह व शनिवार सुबह दोनों दिन पुलिस सुरूर को साथ लेकर सभी अड्डों पर घूमी। इसी बीच शनिवार सुबह क्वार्सी चुंगी के अड्डे से सुरूर की पहचान के आधार पर कर्मवीर उर्फ कालू पुत्र सोमवीर सिंह निवासी अवतार नगर गांधीपार्क मिल गया। बाद में उसने अपने साथी जितेंद्र यादव उर्फ ओलू पुत्र लोटन सिंह यादव निवासी महेंद्र नगर गांधीपार्क को गिरफ्तार कराया। दोनों ने पूछताछ में वारदात स्वीकारते हुए अपने परिचित सुनार मनोज उर्फ भूरा निवासी डोरी नगर से लूटे गए जेवरात बरामद कराए। साथ ही घर से लूटी गई 40 हजार की नगदी में से 36 हजार रुपये, लाइसेंसी पिस्टल-मय मैगजीन, 12 बोर की बंदूक के करीब तीन दर्जन कारतूस, बैल्ट व लूट में प्रयुक्त आईस्मार्ट बाइक भी बरामद कराई। पुलिस ने मनोज को भी गिरफ्तार कर लिया। कर्मवीर ने बताया कि उनके साथ वारदात में मोहित वार्ष्णेय निवासी बारहद्वारी हाल निवासी बापू नगर सासनी गेट भी शामिल था। वह अभी फरार है। उसकी तलाश में टीम लगी हुई है। कर्मवीर छोटी-मोटी चोरियां करता रहा है और एक सप्ताह पूर्व ही जेल से छूटकर आया है। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ राजीव सिंह, एएसपी अमानत मान भी मौजूद रहे।
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रैकी की, सिम के बहाने घर में घुसे
कर्मवीर ने बताया कि जब वह इस घर की सफाई के लिए आए तो यहां उन्होंने माल देखा। तो उसके मन में लालच आ गया। दो दिन की सफाई के बाद जब उनका काम खत्म हो गया तो उन्होंने अगले दिन आने की बात कही। मगर राजकुमार की मां शांति देवी ने कहा भी था कि अब काम खत्म हो गया। अब मत आना। मगर वह आने की जिद कर रहा था। इसके बाद कर्मवीर ने साथियों की मदद से लूट का प्लान बनाया। फिर घर की रैकी की। जब घर से सभी पुरुष चले गए तो वह दरवाजे पर पहुंचा। दरवाजा खुला था। फिर भी उसने बैल बजाई, जब पत्नी शशि आई तो उसने कहा कि आंटी उसकी सिम रह गई है। वह लेने आया है। बस सिम के बहाने वह अंदर घुसे और अंदर पहुंचते ही सबसे पहले बहू को गला दबाकर मारने लगे। जब शोर पर सास आई तो उसे भी दबोच लिया और एक-एककर दोनों को मार दिया।
मृदु व्यवहारी महिलाओं ने खिलाया था खाना
एसएसपी के अनुसार परिजनों से पूछताछ में साफ हुआ कि सास-बहू में अगाध प्रेम संबंध थे। दोनों मां-बेटी की तरह रहती थीं और उनका घर में आने वाले किसी व्यक्ति के लिए भी उनका व्यवहार भी बेहद सौम्य रहता था। इन मजदूरों को भी उन्होंने दो दिन खाना खिलाया था और जाते समय 100 रुपये भी अतिरिक्त दिए थे। यह भी कहा था कि तुम दीपावली के दिन आना तो मिठाई आदि ले जाना। जब वह दोनों को मार रहा था तो उन्होंने यही दुहाई दी कि तुम्हें इतने प्यार से खाना खिलाया। कम से कम उस नमक की हरामी तो मत करो।
रिश्तेदारी में रखी पिस्टल, कारतूस आदि
कर्मवीर ने इस वारदात को अंजाम देने के बाद जेवरात तो सर्राफ को सौंप दिए थे। माल के बंटवारे के हिसाब से तीनों में रुपये बंटने थे। मगर उसने पिस्टल व कारतूस आदि अपने अकराबाद निवासी रिश्तेदार के घर रखे थे। जहां पुलिस ने दबिश देकर माल बरामद किया।
अभी मोबाइल की बरामदगी होना शेष
इस वारदात में अभी मृतका शशि के मोबाइल की बरामदगी होना शेष है। एसएसपी ने टीमों को निर्देशित किया है कि इन दोनों से पूछताछ में मोबाइल बरामद किया जाए।
परिवार के करीबियों ने दी पुलिस को बधाई
इस वारदात के खुलासे से पहले पुलिस टीम दोनों अपराधियों को घटनास्थल पर नक्शा बनाने ले गई। उस समय परिजनों से मुलाकात नहीं कराई। बाद में प्रेस कांफ्रेंस में परिवार के करीबी यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव योगेश दीक्षित, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश शर्मा, अधिवक्ता चंद्रशेख दीक्षित, रहीशपाल सिंह, बच्चू ठाकुर आदि पहुंचे और उन्होंने इस खुलासे पर यही कहा कि परिवार में हुई कमी तो पूरी नहीं की जा सकती। मगर इतनी जल्दी आपने खुलासा कर परिवार की मदद की है। इसलिए पुलिस टीम बधाई की पात्र है।
टीम में यह रहे शामिल
इस खुलासा टीम में एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व सीओ तृतीय राजीव सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर क्वार्सी श्रीप्रकाश यादव, एसओ देहली गेट अनुज कुमार, सर्विलांस प्रभारी छोटेलाल, एसआई अशोक कुमार, रजत शर्मा, कृष्ण कुमार, सर्विलांस टीम के एएसआई राकेश यादव, एमपी सिंह, सुखवीर, ऋषीपाल, सुभाष, मोहनलाल, अखिल, अंजर खान, मुकेश, थाना टीम के जहीर खान, जितेंद्र, हरिओम, जयेंद्र, जयप्रकाश, नवल किशोर आदि शामिल रहे।
घर में मजदूर बुलाएं, लेकिन सावधानी से
इस घटना के बाद देर रात एसएसपी प्रवक्ता ने कहा है कि त्योहार आदि पर सफाई या अन्य काम करने वाले व्यक्ति को बुलाएं तो सावधानी के साथ। हर व्यक्ति का नाम पता व फोटो सत्यापन के लिए व्हाट्सएप नंबर 9454458108 पर डाल दें। ताकि उसका सत्यापन कराया जा सके और उसका डाटा भी पुलिस अपने पास रख सके।
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