महानगर के मेडिकल रोड स्थित अमर भवन की करीब 50 करोड़ कीमत की 5500 वर्ग मीटर संपत्ति पर बन रही बहुमंजिला भवन दिल्ली हाइट्स प्रकरण में फंसे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन समेत छह परिजनों के खिलाफ उन्हीं के पार्टनरों ने सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया है। जिसमें गुड्डू पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी में साझेदारी करने का आरोप है। इधर विकास प्राधिकरण ने उक्त भूमि पर स्वामित्व जता रहे दोनों पक्षोें को शो काज नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। यह नोटिस शुक्रवार आज जारी हो जाएगा।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित कुमार के अनुसार पुलिस को दी तहरीर में शकीबुल्लाह व रेहान आजमी निवासी मुजम्मिल मंजिल दोदपुर ने आरोप लगाया कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर गुड्डू ने अपने परिजनों बेटे दीपक, कार्तिक, पत्नी शिखा, मां वंशदेवी, हिमांशी चौधरी पत्नी अखंड प्रताप केे साथ पार्टनरशिप दर्शाते हुए एसआरएस बिल्ड काम नाम से कंपनी बनाई। इसमें हमको भी साझीदार बनाया। 70 फ्लैटाें के निर्माण का लक्ष्य दिया गया। इसमें से 20 फीसदी फ्लैट बन भी चुके हैं। लेकिन भूमि के स्वामित्व विवाद के मामले में हमें अंधेरे में रखा गया।
इसका पता हमें दो दिन पूर्व चला, जब समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित हुई। इस मामले में उन्होंने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर गुड्डू, उनके पुत्र दीपक, कार्तिक, पत्नी शिखा, मां वंशदेवी व हिमांशी चौधरी पत्नी अखंड प्रताप के नाम धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करायी है। इंस्पेक्टर के अनुसार देर रात मुकदमा दर्ज किया जा रहा था। एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने भी दूसरे मुकदमे की पुष्टि की है।
इधर उक्त भूमि पर स्वामित्व का हक जताने के मामले में दिल्ली के भागीरथ पैलेस 1690 निवासी दुबई बेस्ड उद्योगपति विनोद कुमार पचनंदा एवं दूसरे पक्ष के साजिद, रेहान, मनोज, तेजवीर गुड्डू समेत अन्य को विकास प्राधिकरण नोटिस थमाने जा रहा है।
प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता डीएस भदौरिया ने स्वीकार किया कि दोनों पक्षोें को शुक्रवार आज नोटिस जारी कर दिये जाएंगे। इन्हें अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इधर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर गुड्डू ने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करा दिया है। हाल ही में उनके बेटे दीपक चौधरी ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया से लोकसभा चुनाव लड़ा है। इसी विद्वेष में यह सब किया जा रहा है। इसके खिलाफ वह अदालत जाएंगे।