शिविर में सचिव ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहाकि आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। आप लोग मायूस न हों। किसी भी प्रकार की विधिक सहायता हेतु प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए कारागार परिसर में पूर्व में ही विधिक सहायता केंद्र स्थापित किया जा चुका है। जिसके माध्यम से आप अपनी समस्याओं को प्राधिकरण तक पहुंचा सकते हैं और प्राधिकरण हर संभव विधिक सहायता उपलब्ध करायेगा।
कारागार विधिक सहायता केंद्र पर दो शिक्षित बंदी पीएलवी आपकी समस्या प्राधिकरण तक पहुंचाएंगे। इस अवसर पर विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन भी किया गया। जिसमें कुल 9 मामले निस्तारण हेतु आए और 2 मामलों का निस्तारण करते हुए 1200 का अर्थ दंड अधिरोपित किया गया। इस अवसर पर जेल विजिटर सदस्य पवन कुमार, रंजना मिश्रा, उपेन्द्र मिश्रा, पुरुषोत्तम सिंह, जेलर शैलेश कुमार उपस्थित रहे।