अब सोशल साइट्सों पर मिली अभिव्यक्ति की आजादी कभी-कभी परेशानी का सबब बन सकती है। इसे लेकर यूपी पुलिस ने प्रदेश में सोशल मीडिया रिसर्च सेंटर बनाने से लेकर डिजिटल वॉलेंटियर्स बनाने तक की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है।
इस प्रोजेक्ट के तहत सरकार का सोशल साइट्स की निगरानी कराने का इरादा है। जरूरत पड़ी तो आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले की पोस्ट की समीक्षा कर उसके खिलाफ मुकदमा तक दर्ज कराया जा सकता है।
इस संबंध में डीजीपी जावीद अहमद की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक जिले में सर्विलांस सेल के दो-दो सिपाही प्रशिक्षण के बाद इन साइट्स की निगरानी करेंगे। इसके अलावा प्रदेश स्तर पर दो रिसर्च सेंटर मेरठ व लखनऊ में संचालित किए गए हैं। इस बारे में वहां से भी मदद ली जाएगी।
इसी तरह रेंज, जोन स्तर पर भी निगरानी के लिए सर्विलांस के दो सिपाही लगाए जाएं। यह टीम आपत्तिजनक पोस्ट को वरिष्ठ अधिकारी के संज्ञान में कार्रवाई तय कराएगी। प्रत्येक जिले में डिजिटल वॉलेंटियर्स भी बनाए जाएं।
डीजीपी स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में हमने सर्विलांस में प्रशिक्षित स्टाफ को सोशल साइट्स की निगरानी में लगाया है। बाकायदा फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर आदि से अलीगढ़ पुलिस जुड़ी हुई है। सभी को देखा जा रहा है।
-जे रविंदर गौड़ एसएसपी