गांव गोपी में रविवार रात को दंपति की हत्या उनके बेटे ने ही की थी। गांव में ही जीटी रोड और विजयगढ़ रोड की (टू साइड ओपन) बेशकीमती बीस बीघा जमीन के लालच में बेटे ने साले की मदद से इस वारदात को अंजाम दिया। यह खुलासा पुलिस ने जांच व साक्ष्यों के आधार पर करते हुए देर रात मृत दंपति के बेटे को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ जारी है। साथ ही उसके साले व एक अन्य साथी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
इस संबंध में देर रात जानकारी देते हुए खुद एसपीआरए डॉ. संसार सिंह ने बताया कि गांव में किसी से कोई रंजिश न होने, घटना में लूट या चोरी न होने के बाद यह बात समझ में आने लगी थी कि हो न हो यह हत्या इसी कीमती जमीन को लेकर की गई है। अब जमीन का लालच किसके जेहन में होगा। इस सवाल का जवाब तलाशा जा रहा था।
जांच में पता चला कि बुजुर्ग चरण सिंह व उनकी पत्नी विमलेश अपने इकलौते बेटे से अलग गांव से बाहर मकान बनाकर रह रहे थे। वह बीस बीघा जमीन को पट्टे पर उठाते थे और उससे होने वाली आय से ही दोनों गुजर-बसर करते थे, जबकि बेटा नीलू दिल्ली में नौकरी करता था। उसकी पत्नी व बेटी गांव में पैतृक मकान में रहते थे।
इकलौते बेटे से इसी जमीन को लेकर बेहतर रिश्ते नहीं थे। बेटे के मन में जमीन को लेकर लालच था। इसीलिए दोनों अलग रह रहे थे। जांच में जब यह तथ्य उजागर हुए और सोमवार सुबह हत्या की खबर के बाद मंगलवार सुबह तक उसके दिल्ली से न आ पाने ने और ज्यादा शक पैदा कर दिया।
दोपहर में अंतिम संस्कार की औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने इसी शक के आधार पर उसे देर रात थाने पूछताछ के लिए बुलाया। बस थोड़ी सी सख्ती के बाद ही वह खुलता चला गया। एसपीआरए के अनुसार नीलू ने अपने साथ इस हत्या में अपने साले अजय व अजय के दोस्त नीटू के शामिल होने की बात स्वीकारी है। उसने स्वीकारा है कि उसे डर था कि कहीं बुजुर्ग दंपति इस जमीन को बेच न जाएं। इसी के चलते उसने हत्या कर दी। इस हत्या की जानकारी नीलू की पत्नी तक को थी।
एसपीआरए के अनुसार अभी अन्य कई पहलुओं पर पूछताछ जारी है। उसके साले अजय व नीटू की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। बता दें कि गांव गोपी निवासी चरण सिंह व विमलेश की रविवार रात में हत्या कर दी गई थी। सोमवार सुबह उनकी लाश घर के अंदर पड़ी मिली थीं।