मंदिरों के छोटे नोट बदलकर बड़े देने का झांसा देकर एक गिरोह ने पुष्पेंद्र यादव और उनके साले रिंकू उर्फ शंकर यादव से 10 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने 10 फीसदी कमीशन का झांसा देकर असली जैसे दिखने वाले मनोरंजन बैंक के नोट देकर शुक्रवार को दोनों को ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने शनिवार को को गिरोह के सदस्य दिल्ली के सोम विहार उत्तम नगर निवासी संजीव धवन को अकराबाद टोल के पास से गिरफ्तार कर लिया।
सीओ बरला ने बताया कि फिरोजाबाद के गांव नगला मेवा निवासी पुष्पेंद्र यादव और हाथरस के गोपालपुर गांव निवासी उनके साले रिंकू उर्फ शंकर यादव की शिकायत पर इस मामले में अकराबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। उनका कहना है कि मथुरा निवासी संतोष ठाकुर के माध्यम से उनका संपर्क आरोपी संजीव धवन से हुआ था। संजीव ने उन्हें झांसा दिया कि उनके पास मंदिरों में दान व चढ़ावे के लिए आने वाले बड़ी संख्या में छोटे नोट (पांच, दस, बीस, पचास) आदि हैं। वह इन्हें बड़े नोटों में बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह इसके एक लाख रुपये के बदल 1.10 लाख रुपये देने के लिए तैयार हैं। अतिरिक्त रुपये मिलने के लालच में जीजा-साले आरोपी की बातों में आ गए।
पहले दो लाख के बदले दिए 2.20 लाख
सीओ ने बताया कि आरोपी संजीव धवन ने पुष्पेंद्र और रिंकू को दो लाख रुपये बदलने के लिए बृहस्पतिवार को सहसवान बुलाया। यहां पर दोनों से दो लाख रुपये लेकर उन्हें 2.20 लाख रुपये के छोटे नोट दे दिए। इससे उन्हें आरोपियों पर विश्वास हो गया। आरोपियों ने उन्हें शुक्रवार को दस लाख रुपये का इंतजाम कर आने के लिए कहा। अगले दिन दोनों एक बार फिर दस लाख रुपये लेकर सहसवान पहुंच गए। आरोपियों ने उनसे दस लाख रुपये लेकर 11 लाख रुपये के छोटे नोट देने के बजाय चूर्ण आदि के साथ मिलने वाले बच्चों के खेलने और नोट जैसे दिखने वाले कागज थमा दिए।
रुपये लौटाने का झांसा देकर अकराबाद लेकर पहुंचा आरोपी
शक होने पर दोनों ने ध्यान से देखा तो उन्हें इसका पता चल गया। तभी संजीव धवन को दोनों ने पकड़ लिया और उसके साथ गिरोह के तीन सदस्य वहां से दस लाख रुपये लेकर भाग गए। पुष्पेंद्र और रिंकू ने आरोपी को शुक्रवार से पकड़ रखा था। दोनों उससे रुपये वापस देने की मांग कर रहे थे। आरोपी उन्हें नोट वापस करने का झांसा दे रहा था। आरोपी उन्हें यह कहकर दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अकराबाद टोल पर लेकर पहुंचा कि उसके साथी यहां दस लाख रुपये के नोट लेकर आएंगे। दोपहर एक बजे तक भी यहां वह नोट लेकर नहीं पहुंचा।
पकड़े जाने पर आरोपी संजीव धवन को लगा कि अब पुष्पेंद्र और रिंकू उसे छोड़ने वाले नहीं है बल्कि उसकी पिटाई भी की जा सकती है। इसके चलते उसने अपना नाम आकाश बताकर पुलिस को कॉल कर दिया। पुलिस ने तीनों को अकराबाद थाने लाकर पूछताछ की तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर रुपये बरामद कर लिए जाएंगे। - संजीव कुमार तोमर, सीओ बरला