गोंडा रोड बाईपास पर जिस वक्त लूट की वारदात हुई। उस वक्त लैपर्ड नंबर 31 नादा पुल से उसी घटनास्थल की ओर जा रही थी और उधर से आते राहगीर ने लैपर्ड को समय पर सूचना दे दी। इसके चलते आनन-फानन वायरलेस पर सूचना प्रसारित होते ही इलाके हर रास्ते पर घेराबंदी हो गई। जिस वक्त बदमाश असनेता की ओर भागे। उस वक्त तो पूरी उम्मीद थी कि वह गांव में घिर जाएंगे। मगर बारिश ने खेल बिगाड़ दिया। कच्चे रास्ते में कीचड़ में उनकी गाड़ी फंस गई और वह असनेता से 500 मीटर पहले ही गाड़ी छोड़ खेतों में लहलहाती फसल में घुस गए। हालांकि उनके देर रात तक क्षेत्र में ही घिरे होने का अंदेशा है और पुलिस ने इलाका देर रात तक घेर रखा है। ग्रामीणों की मदद भी ली जा रही है। इधर, घायल हुए दोनों ग्रामीणों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
लूट के वक्त हत्या था बदमाशों का इरादा
जिस वक्त जहीर अपने जंगलगढ़ी निवासी साथी शानू के साथ स्कार्पियों में बैंक से लौट रहे थे। तब जहीर गाड़ी चला रहे थे, जबकि शानू बराबर की शीट पर बैठे थे। पिछली सीट पर रुपयों का बैग रखा था। बदमाशों ने स्कार्पियो घेरते ही ताबड़तोड़ फायरिंग की और पीटते हुए जहीर को मारने तक की बात कही। मगर खुद जहीर ने बदमाशों से मिन्नत करते हुए कहा कि तुम्हें जो लेना है, ले जाओ। मगर मारो मत। इसके बाद बदमाश भागे।
बैंक से पीछे तो नहीं, कारोबार से ही मुखबिरी
पुलिस की एक टीम बदमाशों तक पहुंचने के लिए पशु कारोबार में भी मुखबिर तलाश रही है और बैंक के अंदर व बाहर के सीसीटीवी खंगालने पर काम कर रही है। अंदेशा है कि सटीक मुखबिरी पशु कारोबार से ही मिली होगी। बैंक से बदमाश पीछे लगे होंगे। तभी तो सटीक सूचना पर इस घटना को अंजाम दिया गया होगा। इसके लिए ऐलाना व आसपास की दूसरी मीट फैक्ट्रियों में भी पुलिस टीम लगी है। खुद एसएसपी ने भी मीट फैक्ट्री पहुंचकर जानकारी जुटाई है। इसी के चलते देर रात पुलिस ने आसपास क्षेत्र के व पूर्व में मीट व पशु व्यापारियों से लूट में शामिल रहे आधा दर्जन बदमाश हिरासत में ले लिए हैं।
रास्तों से थे परिचित जमकर की फायरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों व खुद लैपर्ड पर पीछा कर रहे पुलिसकर्मियों की मानें तो बदमाश जैसे पहले से रास्तों से परिचित थे। पहले वे गोंडा रोड पर भागे। मगर उन्हें ग्रामीणों की मदद से घेरा तो वह वापस जमकर फायरिंग करते हुए वापस लौटे और फिर ऐलाना के पीछे से असनेता की ओर निकल गए। वह जानते थे कि अगर ऐलाना के सामने से जाएंगे तो वह इलाका बेहद भीड़ भरा और व्यस्त रहता है। इसलिए वहां घिर जाएंगे।
बरामद कार पर हरियाणा का फर्जी नंबर
बदमाशों द्वारा छोड़ी गई कार पर हरियाणा की नंबर प्लेट लगी मिली है, जिसका नंबर फर्जी है। अब अंदेशा है कि यह कार या तो कहीं से लूटी गई होगी या फिर चोरी की होगी। इसके लिए भी पुलिस की एक टीम लगी हुई है।
चेहरे थे खुले, शराब की बोतल मिली
बदमाशों के चेहरे खुले होने को लेकर भी पुलिस यह सवाल खड़ा कर रही है कि कहीं बदमाश बाहरी तो नहीं। उनकी गाड़ी से शराब की बोतल भी मिली है।