अलीगढ़। महानगर के पला साहिबाबाद की कबीर नगर नई आबादी में हुए पुलिस-पब्लिक भिड़ंत के मुकदमे में अब किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी। यह भरोसा मंगलवार को डीआईजी से मिलने पहुंचे भाजपाइयों को खुद डीआईजी ने दिया। इस दौरान भाजपाइयों ने पुलिस बर्बरता की बात भी रखी, जिस पर उन्हें जांच का आश्वासन मिला। इधर, दहशतजदां पला साहिबाबाद के लोगों ने नगर विधायक से मुलाकात की तो वहां से भी उन्हें यही भरोसा दिया गया। इस तरह के भरोसे के बाद लोग आश्वस्त होकर अपने घरों को चले गए। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में फिर से इलाके में चहल-पहल लौट आएगी।
वाकया शनिवार का है, जब होली पर कुट्टू पीने से मौत के बाद कुट्टू की बिक्री इलाके में शुरू हुई तो वहां पब्लिक ने विरोध शुरू कर दिया। खबर पर पहुंची पुलिस से ही पब्लिक भिड़ गई और कई बार पुलिस को पथराव कर दौड़ाया। बाद में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके से 68 महिला-पुरुष गिरफ्तार कर जेल भेजे। साथ ही 500 के करीब लोगों को नामजद किया गया। हालांकि पब्लिक का तर्क है कि पहले पुलिस ने लाठीचार्ज किया। तब हमने पथराव किया। बाद में पुलिस ने जिस बर्बरता से गिरफ्तारी की, वह कतई निंदनीय है। इन बातों के सामने आने पर इस घटना पर सियासी लोग हरकत में आए और उन्होंने पिछले दो दिन से पुलिस के खिलाफ मोर्चा संभाल रखा है।
भाजपा ने इस मुद्दे पर अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार दुपहर 11 बजे डीआईजी गोविंद अग्रवाल से मुलाकात की। इस मौके पर कहा गया कि पब्लिक कुट्टू का विरोध कर रही थी। जिन पुलिसकर्मियों की मिलीभगत और सुविधा शुल्क लेने से कुट्टू बिक रहा है। उन्होंने पहले महिलाओं से भला-बुरा कहा और लाठीचार्ज कर दिया। ऐसे में पब्लिक उग्र हुई। इसके बाद जिस तरह से गिरफ्तारी की गईं, वह भी गलत था।
कमजोर, मजदूर तबके के लोगों से दुर्दांत अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। जिस परिवार में मौत हुई, उस परिवार की महिलाओं तक को जेल भेज दिया। इस पर डीआईजी ने पूरे मामले में जांच का भरोसा दिलाया। साथ ही आगे गिरफ्तारी न हो, इस बात का भी ठोस भरोसा दिया। इस मौके पर मेयर शकुंतला भारती, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, राजीव अग्रवाल, संजीव राजा, सुबोध स्वीटी, मानव महाजन, गुनीत मित्तल, पुष्पेंद्र सिंह जादौन, पवन खंडेलवाल, भू प्रकाश माहौर आदि मौजूद रहे। इसके बाद भाजपाई बस्ती में भी गए और डीआईजी से मिले भरोसे अवगत कराया।
इधर, दुपहर में इलाके के लोग नगर विधायक जफर आलम से भी मिले। जहां उन्हें पूरा वाकया बताया। बाद में विधायक ने एसओ को बुलाकर कमजोरों की मदद करने की बात कही। इस पर एसओ ने वहां बताया कि जो लोग मिलने आए हैं, उनमें कुछ नामजद हैं। फिर भी अब किसी की गिरफ्तारी नहीं हो रही। अब किसी को दहशत में रहने की जरूरत नहीं है। इस आश्वासन के बाद लोग यहां से वापस गए।