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‘कल्याण-राजवीर’ के इशारे पर हुई गिरफ्तारी

Mon, 29 Aug 2016 01:26 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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‘कल्याण-राजवीर’ के इशारे पर हुई गिरफ्तारी - फोटो : रुपेश
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कल्याण सिंह के भाजपा से अलग होने के दौर में 2012 में भाजपा के टिकट पर अतरौली से कल्याण सिंह की पुत्रवधु प्रेमलता वर्मा के मुकाबले विधानसभा चुनाव लड़ चुके राजेश भारद्वाज की गिरफ्तारी से सियासी उथल-पुथल बढ़ गई है। वहीं राजेश भारद्वाज ने गिरफ्तारी के बाद मीडिया के सामने इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह और उनके पुत्र एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सीधे-सीधे कहा कि उन्हें अतरौली से चुनाव लड़ने की सजा और राजनीतिक भविष्य बिगाड़ने की साजिश के तहत इस मुकदमे में फंसाया गया है, जबकि उनका पूर्व विधायक से कोई विवाद नहीं है। हां, दिनेश ठाकुर को जरूर वह जानते हैं। जब भी वह गाजियाबाद से आते थे तो वह उनकी गाड़ी चलाता था।
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उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक षड्यंत्र है। उनकी पार्टी के ही दिग्गज उनके विरोधी हैं। यह विरोध बाबूजी कल्याण सिंह व उनके पुत्र राजवीर सिंह से जुड़ा है, क्योंकि उनके सामने मैंने चुनाव लड़ा है। उसी समय राजू भैया व मनोज लोधी ने उन्हें भविष्य में चुनाव न लड़ने देने की चेतावनी दी थी। रहा सवाल दिनेश ठाकुर का तो 2012 में जब मैं चुनाव लड़ा तब वह उनके संपर्क में आया था। जब भी में गाजियाबाद से आता तो कभी कभार वह मेरी गाड़ी चलाया करता था। अब उसे खरीदकर मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है। पूर्व विधायक मुनीश गौड़ से मेरे बेहतर रिश्ते हैं। प्रापर्टी का कोई विवाद नहीं है।
अतरौली में बनाई राजेश भारद्वाज ने गहरी पैठ
लंबे समय से भाजपा में सक्रिय राजेश भारद्वाज ने अतरौली विधानसभा क्षेत्र में गहरी पैठ बनाई है। खिरीरी मस्तीपुर में धार्मिक आयोजन, सामूहिक विवाह आदि के जरिये लोगों से वह जुड़े। इसी के चलते विधानसभा चुनाव लड़े और भविष्य में भी वह पार्टी का टिकट मांग रहे थे। इससे पहले वह सांसद पद के लिए भी टिकट मांग चुके हैं।
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बौखला गए हैं राजेश, हमारा क्या विवाद
गिरफ्तारी के लिए खुद व अपने पिता को जिम्मेदार बताने संबंधी बयान पर एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने बातचीत में कहा कि राजेश भारद्वाज बौखला गए हैं। हमारा उनसे क्या विवाद या क्या वास्ता। अतरौली से वह भाजपा से चुनाव लड़े। अगर वह न लड़ते तो कोई और लड़ता। पार्टी जिसको टिकट देगी, वह लड़ेगा। उन्हें खुद के कर्मों की सजा मिल रही है। रहा सवाल घटना में शामिल होने का तो पुलिस की जांच हकीकत बताएगी और विवाद पूर्व विधायक मुनीश गौड़ बताएंगे।
पुलिस की दबिश के बाद कुछ यह रहा राजेश भारद्वाज का हाल
पहले दिन छूटे पसीने..अब बढ़ गई शुगर
अलीगढ़। महानगर के प्रमुख रीयल एस्टेट कारोबारी व भाजपा नेता राजेश भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनकी शुगर अचानक बढ़ गई। गिरफ्तारी के साथ उन्होंने दवाओं का जखीरा अपने साथ लिया और इन्सुलिन के कई इंजेक्शन साथ लेकर खुद को दो बार लगवाए भी। यह पहला मौका नहीं, जब पुलिस को देख उनकी हालत बिगड़ी। आज से एक माह पहले जब पुलिस दिनेश ठाकुर की तलाश में उनके घर पहुंची थी, तब भी उनके पसीने छूट गए थे। पुलिस दिनेश को तलाश रही थी और वह एसी में बैठे-बैठे अपने लिए सफाई दे रहे थे। इसलिए पुलिस को शक तो उसी दिन हो गया था। मगर साक्ष्य संकलन और दिनेश के रिमांड पर आने का पुलिस को इंतजार था।
पूर्व विधयाक के बेटे से कराया दिनेश का सामना
एसएसपी लव कुमार ने बताया कि 2 जुलाई को हमले के दौरान सीसीटीवी में कैद हुई ग्रे कलर की स्कूटी के आधार पर जब 20 जुलाई को दो शूटर गिरफ्तार हुए और दिनेश ठाकुर का नाम सामने आया। उसी दिन राजेश भारद्वाज पर शक की सूई घूमी थी। जांच में पता चला था कि राजेश भारद्वाज की ओर पर्ल साइट के पास 200 वर्ग गज के प्लाट को लेकर पूर्व विधायक व राजेश भारद्वाज में विवाद चल रहा है। मगर दिनेश के आगरा में सरेंडर के बाद पुलिस को उसके रिमांड पर आने का इंतजार करना पड़ा। सुबह 12 घंटे की रिमांड पर आए दिनेश ठाकुर का पूर्व विधायक मुनीश गौड़ के बेटे से भी सामना कराया गया। चूंकि पूर्व विधायक लखनऊ पीजीआई में इलाज करा रहे हैं। इसलिए उनका कारोबार संभाल रहे बेटे को बुलाया गया था। उसने भी जमीनी विवाद संबंधी बात पर सहमति जताई है।
वीआईपी ट्रीटमेंट के चलते मीडिया से दूरी की कोशिश
राजेश भारद्वाज को गिरफ्तार करने के बाद जब पुलिस टीम प्रेस कांफ्रेंस में लेकर आई तो उन्हें एक एसी युक्त लग्जरी गाड़ी में लाया गया। उनके पीछे खुद उनकी व एक दिग्गज सपा नेता की गाड़ी भी चल रही थी। इस पर जब एसएसपी के सामने मीडिया ने सवाल उछाला तो बताया कि वह खुद पुलिस की गाड़ी है। बाद में उन्हें मीडिया से दूर रखने की कोशिश हुई। मगर जब मीडिया ने दबाव डाला तो पुलिस ने आननफानन उन्हें लग्जरी गाड़ी से उतारकर सादा सूमो में बैठाया और फिर मीडिया के सामने पेश किया। इस दौरान निचले स्तर पर पुलिस पर वीआईपी ट्रीटमेंट का आरोप उछला।
गिरफ्तारी टीम  ने तमंचे भी बरामद किए
इस पूरे खुलासे में एसओ क्वार्सी विनोद यादव, एसआई अशोक कुमार, सर्विलांस प्रभारी छोटेलाल, धर्मेंद्र सिंह, एएसआई राकेश यादव, एमपी सिंह, सुखवीर सिंह, ऋषिपाल, सुभाष, मोहन, मुकेश आदि शामिल रहे। टीमों ने गिरफ्तार किए विनोद व यासीन से तमंचे भी बरामद किए हैं। जिन्होंने बताया कि दिनेश ने उन्हें मुनीश पर हमले के लिए बैकअप टीम में राजेश भारद्वाज द्वारा सुपारी देने पर रखा था।
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