चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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खैर के मालीपुरा में विवाहिता की दहेज के लिए केरोसिन डालकर जलाकर मारने की घटना में आरोपी पति को दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे प्रथम शाहिद रजा की अदालत से सुनाया गया है। घटना में तीन आरोपी बरी किए गए हैं।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी अमर सिह तोमर के अनुसार, हरियाणा फरीदाबाद के डबुआ के सोनू की ओर से 18 दिसंबर 2007 को मुकदमा दर्ज कराया गया कि उन्हें रिश्तेदारों के जरिये खबर मिली कि उनकी बहन को ससुराल में केरोसिन डालकर जलाकर मार दिया है। इस सूचना पर जब वे खैर मालीपुरा बहन की ससुराल आए तो उनकी बहन मीरा की लाश पड़ी थी और ससुरालियों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। मामले में बताया कि 20 जून 2006 को शादी की थी। शादी के बाद से ही कार, बाइक, 50 हजार रुपये नकद, फ्रीज आदि की दहेज में मांग को लेकर तंग किया जा रहा था।
अब उसे जलाकर मार दिया गया। मुकदमे में पति मुकेश के अलावा ससुर जयपाल, सास शकुंतला देवी के अलावा खंडेहा टप्पल के ममिया ससुर गजराज को नामजद किया गया। मुकदमे में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर पति को दोषी करार दिया गया, जबकि तीनों अन्य आरोपी बरी कर दिए गए। मुकेश को दस साल कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। वहीं आधी राशि पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।