हरदुआगंज तापीय परियोजना (कासिमपुर पावर हाउस) की यूनिट नंबर सात में मंगलवार की रात 40 साल पुराने जेनरेटर ट्रांसफार्मर (जीटी) में अचानक आग लग जाने से पावर हाउस का 605 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप हो गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी और सीआईएसएफ के जवानों ने आग पर काबू पाया। पावर हाउस के गुरुवार रात तक पूरी तरह काम करने की बात कही जा रही है।
हरदुआगंज तापीय परियोजना में मौजूदा समय में तीन इकाईयां बिजली उत्पादन कर रही हैं। सात नंबर यूनिट में 105 मेगावाट क्षमता का उत्पादन होता है। आठ और नौ नंबर यूनिटों में क्रमश: 250 और 250 मेगावाट क्षमता का उत्पादन होता है। इस तरह कुल 605 मेगावाट क्षमता का उत्पादन पावर हाउस में होता है।
मंगलवार की रात करीब 12 बजे यूनिट नंबर सात के जेनरेटर ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। इससे यूनिट को बंद करना पड़ा। यहां पर लगा ट्रांसफार्मर धूं धूं कर जलने लगा। यह देख प्लांट में काम कर रहे कर्मचारी बाहर आये और घटना की सूचना सीआईएसएफ व फायर ब्रिगेड को दी गयी। दूसरी ओर चूंकि दो अन्य यूनिटों का अलग से कोई स्विच यार्ड नहीं है। उनका स्विच यार्ड यूनिट में ही है इसलिए अन्य दोनों इकाइयों को भी बंद किया गया।
सूचना पर सीआईएसएफ के जवान व फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। आग कितनी भीषण थी, इस बात का अंदाजा यू लगाया जा सकता है कि फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में तीन घंटे लगे। इस दौरान जेनरेटर ट्रांसफार्मर जलकर बुरी तरह राख हो गया। घटना की सूचना पर महाप्रबंधक आर के वाही मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। महाप्रबंधक आर के वाही ने बताया कि डिमांड कम होने के कारण 7 नंबर यूनिट जो कि 105 मेगावाट बिजली पैदा करती है, वह अब 50-55 मेगावाट बिजली ही निकाल रही थी। काफी पुराना ट्रांसफार्मर होने के कारण नुकसान का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। इससे विद्युत आपूर्ति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सप्लाई सुचारु रूप से चलती रहेगी।
मंगलवार की रात पावर हाउस के एक ट्रांसफार्मर में आग लगते ही अफरातफरी मच गई थी। सीआईएसएफ की टुकड़ी के साथ ही दमकलकर्मी बुला लिए गए। कर्मचारियों को दूर रखा गया था। पावर हाउस के ट्रांसफार्मर में आग लगने पर कासिमपुर के साथ ही जवां के भी तमाम लोग जगकर दूर से ही जानकारी लेते रहे।
प्रदेश में बहुत सी छोटी इकाईयां जैसे ओबरा, अनपरा, पनकी आदि बंद हुई हैं। वहां पर भी पुराने जेनरेटर ट्रांसफार्मर काम कर रहे थे। यहां पर भी जिस ट्रांसफार्मर में आग लगी वह करीब 40 साल पुराना है। हम लोग कोशिश करेंगे कि जो इकाइयां बंद हुई हैं, वहां से एक जेनरेटर ट्रांसफार्मर मंगा लें।
जहां तक उत्पादन शुरू होने की बात है तो नौ नंबर यूनिट में बुधवार की रात तक प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। यूनिट नंबर आठ को भी गुरुवार की रात तक शुरू कर दिया जाएगा। इस तरह जल्द ही पावर हाउस अपनी पूरी क्षमता से काम करेगा।’
- आरके वाही, महाप्रबंधक, हरदुआगंज तापीय परियोजना