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हमलावरों के पास थे हथियार, कर सकते थे हत्या : पंखुड़ी 

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पंखुडी पाठक और उनके साथ आये मंगल पांडे के साथ मारपीट करते बजरंग दल के कार्यकर्ता। - फोटो : Rupesh
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अतरौली में हमलावरों से बचकर अलीगढ़ पहुंचीं सपा की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक व उनके साथ आए मंगल पांडे सेना के अध्यक्ष व लेखक अमरेश मिश्रा ने इसे पुलिस के सामने बजरंगियों का हमला करार दिया है। पंखुडी ने पुलिस पर अराजक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि हमलावरों के पास हथियार भी थे। वे उनकी जान भी ले सकते थे।
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अतरौली से लौटने के बाद यहां राज्य कर्मचारी कॉलोनी में एक कोचिंग सेंटर संचालक के घर मीडिया से बातचीत में पंखुड़ी पाठक कहा कि हम अनुशासन के दायरे में रहकर नौशाद-मुस्तकीम के परिवार से मिलने पहुंचे थे। घर के दरवाजे पर खड़े होकर पांच मिनट बातचीत कर लौट रहे थे। तभी वहां भगवाधारी व तिलकधारी बजरंगी लोगों की भीड़ लेकर आ गए और हम पर हमला बोल दिया।

इस दौरान हमें पीटा गया, पथराव किया गया, गाड़ी तोड़ी गई। हम किसी तरह वहां से बचकर आए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के सामने हमें जान से मारने की कोशिश हुई, मगर पुलिस मूकदशर्क बनी देखती रही। हमारे वहां से निकलने के बाद फायरिंग तक की बात सुनने में आई है। यानि हमलावरों के पास हथियार भी थे।
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हो सकता है कि वह हमें जान से मार देते। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि अब क्या गारंटी है कि हम थाने या किसी पुलिस अधिकारी के दफ्तर शिकायत कराने जाएं और वहां हम पर बजरंगी हमला न करें। यहां की पुलिस खुद बजरंग दल कार्यकर्ता बनकर काम कर रही है। कानून बजरंगियों के हाथ में है और जिले में जंगलराज के हालात हैं। जान बूझकर पुलिस प्रशासन हिंदू मस्लिम व दलित सवर्ण लड़ाई लड़वा रहा है। इस मामले में हम डीजीपी से व दिल्ली में शिकायत करेंगे। फिलहाल डायल-100 को सूचना दे दी है। 


 हमले के पीछे साजिश है: अमरेश 
बुलेट राजा फिल्म के संवाद लेखक अमरेश मिश्रा ने बताया कि वह प्रदेश में एनकाउंटर के खिलाफ लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। विवेक तिवारी कांड में भी वह गए थे। इसी क्रम में यहां आए थे। एक डॉक्यूमेंटरी तैयार करनी है। मगर यहां जो कुछ हुआ वह योजना बनाकर हुआ है। इसके पीछे एक साजिश है। ताकि अब आगे से इन लोगों की मदद में कोई न आए। इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे।

 
पंखुड़ी पाठक व उनके साथियों ने अपने जाने की कोई सूचना नहीं दी गई। वहां मौजूद पिकेट के सिपाही वीडियो में इन्हें बचाते दिखाई दे रहे हैं। यह हमला भीड़ ने किया है।  पंखुड़ी पाठक ने घटना के बाद फोन पर बात की है। अगर वह लिखित में शिकायत देंगी तो कार्रवाई की जाएगी। 
-अजय साहनी, एसएसपी

बदमाशों की पैरवी को आए हो...
पंखुड़ी पाठक व अमरेश मिश्रा जैसे ही मुस्तकीम व नौशाद के परिजनों से मिलकर लौटने लगे तभी वहां भीड़ एकत्रित हो गई। पहले तो उन्होंने इन पर बदमाशों के हिमायती बनने का आरोप लगाया। इसी बीच अचानक आवाज उठी कि बदमाशों की पैरवी को आए हो, पकड़ो-पकड़ो, मारो-मारो। इसके बाद भीड़ पंखुड़ी, अमरेश व उनके साथियों पर टूट पड़ी। बाद में सीओ प्रशांत सिंह  सीओ बरला एके चौधरी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर बितर किया।  
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