समाजवादी पार्टी की सरकार में खनन मंत्री और बलात्कार के आरोपी गायत्री प्रजापति के संबंध में अंशू गौड़ एडवोकेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि इस मामले में पीड़िता का अपहरण कर लिया गया है और उनसे भी जबरन कुछ कागजों पर दस्तखत करवा लिए हैं। अंशु गौड़ इस मामले में पीड़िता की पैरोकारी कर रहे हैं।
पत्र में कहा गया है कि गायत्री प्रजापति और उसके गुर्गे इस समय जेल में हैं। उसके बाहर घूम रहे गुर्गे उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन देते हैं और नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। पत्र में आशंका व्यक्त की है कि उनकी कभी भी हत्या हो सकती है।
पहले भी पीड़िता और उसकी बेटी पर दबाव बनाकर उन्हें बयान बदलने पर मजबूर किया गया। जबकि पीड़िता के 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज हैं।
पत्र में मांग की गई कि प्रदेश के इस चर्चित कांड में उच्चस्तरीय जांच कराकर जल्द मामले का निपटारा किया जाए। अंशू गौड़ ने बताया कि इससे पहले भी दो बार उनके ऊपर हत्या की नीयत से हमले हो चुके हैं। पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भी भेजी गई है।
अधिवक्ता ने पत्र में पूर्व मंत्री के गुर्गों की ओर से लोगों पर डाले जा रहे दबाव के बाबत पूरे विस्तार से जानकारी दी गई है।