अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हालात बिगड़ने लगे है। उपद्रवी तत्वों ने मेडिकल कॉलोनी स्थित कार्यवाहक कुलपति (सह कुलपति) प्रो. तबस्सुम शहाब के आवास पर देर शाम हमला कर दिया। असलहों से लैस उत्पाती युवकों ने वहां तैनात गार्ड की पिटाई की तथा गमले आदि फेंककर घर के सीसे एवं लाइटों को तोड़ दिया। उत्पाती तत्वों ने घर पर पत्थर भी फेंके। इससे एएमयू में खलबली मच गई है। उपद्रवी तत्वों द्वारा प्रॉक्टर आफिस एवं प्रॉक्टर के घर पर भी हंगामा किए जाने की चर्चा है।
एएमयू के सह कुलपति प्रो. तबस्सुम शहाब के मेडिकल कॉलोनी स्थित आवास पर वृहस्पतिवार की रात करीब 7.30 बजे 10-12 युवक अचानक पहुंचे और वहां तैनात गार्ड की पिटाई की। उसके बाद उपद्रवी तत्व लॉन में रखे गमले एवं पत्थर मकान की तरफ फेंके। कुर्सियां इधर-उधर फेंक दी। घर के बरामदे में लगीं लाइटें तोड़ दी, ताकि अंधेरा पसर जाए। जिस वक्त यह घटना हुई, उस वक्त पीवीसी प्रो. शहाब घर में मौजूद थे। जमकर तोड़-फोड़ एवं गाली-गलौज के बाद उपद्रवी तत्व वहां से तमंचा लहराते हुए बाहर निकले और जमालपुर टूटी बाउंड्री की ओर से भाग गए।
युवक करीब आधा दर्जन बाइक से मेडिकल कॉलोनी पहुंचे थे और बाइक कॉलोनी के बाहर छोड़ कर गए थे। चर्चा है कि प्रॉक्टर आफिस में भी कुछ युवकों ने गाली-गलौज की थी। बाद में प्रॉक्टर के धौर्रा स्थित घर पर जाकर हंगामा की भी चर्चा है। हालांकि इस संबंध में कोशिश के बावजूद प्रॉक्टर एवं डिप्टी प्रॉक्टर से बात नहीं हो सकी। घटना को लोग दो छात्रों के निलंबन से जोड़ कर देख रहे हैं, लेकिन इसकी अधिकारिक पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं है।
सूचना के बाद बड़ी संख्या में पीवीसी के घर पर एएमयू के अधिकारी एवं प्रॉक्टोरियल टीम के साथ-साथ पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए थे। देर रात एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस घटना के बाद एएमयू का माहौल एक बार फिर गरमाने लगा है और लोग तरह-तरह की आशंका जता रहे हैं।
पीवीसी के घर पर हमला कैंपस की राजनीति का परिणाम
एएमयू छात्र संघ के निवर्तमान सचिव नबील उस्मानी ने कहा कि पीवीसी एवं प्रॉक्टर के आवास पर हमला की चर्चा सुनी है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर राजनीति हो रही है और निलंबित छात्रों से जोड़ा जा रहा है, जो उचित नहीं है। गेम्स कमेटी के सचिव पर जानलेवा हमला करने का आरोप गलत है। पीवीसी के घर पर हमला यूनिवर्सिटी की राजनीति का परिणाम हो सकती है।