महानगर के नगला मसानी में एक सप्ताह पहले दबंगों द्वारा बेवजह पीटे गए दलित मजदूर की मंगलवार रात दिल्ली में मौत की खबर पर बुधवार दोपहर भीड़ भड़क गई। लोगों ने नगला मसानी में द्वारिकाधीश मंदिर के पास चौक पर जाम लगाते हुए धरना शुरू कर दिया।
इस दौरान हाथों में पट्टिकाएं लेकर मुआवजा, नौकरी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी गई। हंगामा कर रही पब्लिक का कहना था कि इलाके के दबंग आए दिन इस तरह की हरकतें करते हैं। मगर उन पर ठोस कार्रवाई आज तक नहीं हुई। हालांकि पुलिस के समझाने व आश्वासन पर करीब ढाई घंटे बाद जाम खोल दिया गया। वहीं पुलिस ने एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। देर शाम दिल्ली से आए शव का भी अंतिम संस्कार करा दिया गया।
वाकये के अनुसार नगला मसानी निवासी चार भाइयों में दूसरे नंबर का 40 वर्षीय कलुआ माहौर पुत्र मेवाराम घर में ही ढ़लाई की भट्ठी चलाता था। 18 अगस्त की देर शाम वह तगादा करके लौट रहा था, तभी इलाके के दबंगों ने उसे शनि मंदिर के पास घेर लिया और उससे शराब पीने के लिए रुपये मांगे। जब उसने देने से इंकार कर दिया तो रुपये छीनने लगे। इस दौरान विरोध पर हुई मारपीट के दौरान उसके सिर में ईंट से प्रहार कर दिया गया। इस हमले में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
आनन-फानन उसे जिला अस्पताल और वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मगर मेडिकल कॉलेज से भी उसे हालत नाजुक होने पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। अगले ही दिन से वह दिल्ली में इलाज पा रहा था। इधर, इस हमले के संबंध में परिजनों की ओर से देहली गेट थाने में मोहल्ले के ही भीमा यादव व पंकज यादव सहित चार लोगों पर मुकदमा दर्ज करा दिया था।
इधर, मंगलवार देर रात दिल्ली में कलुआ की मौत हो गई। यह खबर हालांकि रात को ही पुलिस व परिजनों को दे दी गई। पुलिस ने रात को ही मुकदमा हत्या की धाराओं में तरमीम कर लिया और बुधवार सुबह पंकज यादव को गिरफ्तार भी कर लिया। मगर दोपहर में करीब एक बजे परिवार व इलाके की महिलाएं और लोग एकत्रित होकर द्वारिकाधीश मंदिर चौक पर जाम लगाकर बैठ गए। उनके हाथों 20 लाख मुआवजा, पत्नी को सरकारी नौकरी व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग संबंधी पट्टिकाएं लगी थीं।
जाम-धरने की खबर पर पुलिस भी पहुंच गई। लोगों को समझाने का प्रयास शुरू हुआ। करीब ढाई घंटे तक पुलिस लोगों को मनाने व समझाने में लगी रही। तब जाकर सीओ प्रथम व एसओ देहली गेट के आश्वासन पर करीब साढ़े तीन बजे पब्लिक मानी। पुलिस की ओर से विभिन्न मदों से फिलहाल साढ़े छह लाख रुपये दिलाने, पेंशन दिलाने का वायदा किया।
गिरफ्तारी के मुद्दे पर भी भरोसा दिलाया कि अन्य आरोपी जल्द गिरफ्तार होंगे। इसके बाद देर शाम दिल्ली से शव यहां पहुंचा, जिसका पुलिस मौजूदगी में अंतिम संस्कार करा दिया गया। एसओ देहली गेट अनुज कुमार के अनुसार पब्लिक ने शांतिपूर्वक धरना दिया था। जो बाद में मान गए। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।