यातायात पुलिस, संभागीय परिवहन अधिकारी व परिवहन निगम के अधिकारियों के प्रयास और अभियान चलाने के बाद भी माफिया के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। माफिया फिर से सक्रिय होकर फर्जी बसें चलाने लगे हैं। ऐसी एक फर्जी बस नौ अप्रैल को पकड़ी गई तो चालक-परिचालक व मालिक पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
अलीगढ़ डिपो के सुरेंद्र कुमार शर्मा, राकेश कुमार सिंह व डिपो लेखक सुरेंद्र कुमार शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि नौ अप्रैल को यूपी 14 जीटी 4052 बस सारसौल स्थित सैटेलाइट बस अड्डे के सामने आकर रुकी, जो हूबहू रोडवेज बस जैसी ही थी, जिसके आगे कौशांबी डिपो लिखा हुआ था। परिचालक यात्रियों को रोडवेज बताकर ही बस में बैठा रहे थे।
टीआई यातायात व कर्मचारियों ने नाम पूछा तो चालक ने अपना नाम राजकुमार पुत्र इंद्रपाल सिंह निवासी चिढ़हरा थाना दादरी नोएडा बताया। परिचालक ने अपना नाम पप्पू निवासी अहमदगढ़ बुलंदशहर बताया और गाड़ी छोड़कर चला गया।
चालक के माध्यम से बस को बन्नादेवी थाना पहुंचाया गया। चालक ने मालिक का नाम अमित कुमार पुत्र भूप सिंह निवासी गाजियाबाद बताया। उसने कहा कि अमित कुमार की देखरेख में ही बस का संचालन होता है। इस पर तीनों के खिलाफ बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।