फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंपीरियल इंडस्ट्री में बदमाशों ने डाला डाका

Tue, 12 Dec 2017 02:28 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन
पुलिस को वारदात की जानकारी देते फैक्ट्री मालिक - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
महानगर के नामचीन एक्सपोर्टर उमा एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के स्वामी राकेश अग्रवाल की दूसरी यूनिट इंपीरियल इंडस्ट्री में रविवार रात नकाबपोश बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से डकैती की वारदात को अंजाम दे डाला। 
विज्ञापन


सारसौल चौराहे के बगल में मुख्य जीटी रोड पर आरटीओ दफ्तर के बगल में स्थित इस फैक्ट्री से बदमाश करीब 12 लाख की कीमत की एल्युमीनियम की सिल्लियां ट्रक में लादकर ले गए। फैक्ट्री के चौकीदार सहित आधा दर्जन कर्मचारियों को जमकर पीटा और बंधक बनाकर फैक्ट्री में करीब चार घंटे तक तांडव किया। बदमाशों के जाने के बाद कर्मचारियों ने जैसे-तैसे खुद को बंधनमुक्त किया और औद्योगिक संस्थान स्थित दूसरी फैक्ट्री पर पहुंचकर वारदात की जानकारी दी। बन्नादेवी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की खोज शुरू कर दी है।

बन्नादेवी की किशोर नगर कॉलोनी निवासी राकेश अग्रवाल की उमा हार्डवेयर एक्सपोर्ट इंडस्ट्रीज के नाम से फैक्ट्री है। उन्होंने हाल ही में राजीव गुप्ता निवासी बापूधाम कॉलोनी की पार्टनरशिप में आरटीओ ऑफिस के बराबर जीटी रोड पर इंपीरियल इंडस्ट्रीज नाम की एक फर्म खरीदी है। इस फैक्ट्री में बिजली का कनेक्शन नहीं है और जनरेटर से ही फिलहाल एल्युमीनियम की सिल्लियां बनाई जा रही हैं। रविवार रात करीब 12 बजे 8-10 बदमाशों ने फैक्ट्री में आरटीओ ऑफिस के कैंपस की ओर से दीवार फांदकर प्रवेश किया। उस समय फैक्ट्री में चौकीदार रनवीर सिंह निवासी कलाई हरदुआगंज हाल निवासी बरौला मौजूद था। बदमाशों ने उसे दबोच लिया और लाठी, डंडे व तमंचे की बटों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया।
विज्ञापन


बदमाश नकाब पहने हुए थे और उनके हाथों में तमंचे, लाठी, डंडे आदि हथियार थे। फैक्ट्री के एक हॉलनुमा कमरे में कई और कर्मचारी सो रहे थे। चौैकीदार ने चीख-पुकार मचाई तो उक्त कर्मचारी रईस, रामकिशन, बनी सिंह निवासीगण मई पूरना बेसवां थाना इगलास व श्याम निवासी शेरनी नीमका गांव राया मथुरा वहां आ गए। बदमाशों ने इनके साथ भी जमकर मारपीट की और चौकीदार सहित सभी को बंधक बनाकर हॉल में बंद कर दिया। बदमाशों ने इससे पहले चौकीदार रनवीर सिंह से फैक्ट्री की चाबियां छीन ली थीं। बदमाशों ने श्रमिकों व चौकीदार के मोबाइल फोन भी छीन लिए। फैक्ट्री के बाहर की तरफ से बड़ा व अंदर से छोटा ताला लगा हुआ था। 

उसके बाद बदमाश गेट का ताला खोलकर एक ट्रक को अंदर ले आए। वहां एल्युमीनियम की करीब साढ़े नौ टन वजन की 3200 सिल्लियां ट्रक में चढ़ा लीं। इनकी कीमत 11 से 12 लाख रुपये बताई जा रही है। सिल्लियों को ट्रक में चढ़ाने के बाद बदमाशों ने फैक्ट्री का ताला बाहर से लगा दिया और पूरी घटना को अंजाम देकर चले गए। बदमाशों ने जाने के बाद श्रमिक व चौकीदार जैसे-तैसे सुबह चार बजे दूसरी फैक्ट्री उमा इंड्रस्टीज पर पहुंचे और ठेकेदार हरिओम को पूरी घटना की जानकारी दी। उक्त फैक्ट्री में मौजूद लोगों के अलावा फैक्ट्री मालिक सहित अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर बन्नादेवी थाना पुलिस व अन्य पुलिस अधिकारी भी आ गए। पुलिस को कर्मचारियों से लूटे गए मोबाइल भी वहीं पड़े मिले। मोबाइल फोन से निकाले गए सिम व चिप आदि भी वहीं मिल गईं। फैक्ट्री में 2610 सिल्ली बची रह गईं। माना जा रहा है कि ट्रक में यह सिल्ली नहीं आ सकी, इसलिए बदमाश इन्हें छोड़ गए। 

इस घटना के बाद फैक्ट्री स्वामी राकेश अग्रवाल, राजीव गुप्ता के साथ विधायक कोल अनिल पाराशर, मेयर पद के भाजपा प्रत्याशी रहे डॉ. राजीव अग्रवाल व अन्य लोगों ने एसएसपी से वार्ता की और वारदात के खुलासे की मांग की। इंस्पेक्टर बन्नादेवी के अनुसार डकैती का मुकदमा दर्ज कर बदमाशों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। श्रमिकों के कपड़ों से ही बनाया उन्हें बंधक बदमाशोें ने श्रमिकों को उन्हीं के कपड़ों से बांधकर डाले रखा। किसी की पैंट उतरवाई तो किसी की शर्ट। किसी के  अंगोछे से उसे बांधा। 

बिजली कनेक्शन मिल गया होता तो शायद न पड़ती डकैती
फैक्ट्री स्वामी राकेश अग्रवाल इस बात को लेकर काफी गुस्से में थे कि बिजली महकमे ने उन्हें फैक्ट्री संचालन के लिए कनेक्शन नहीं दिया है। उनका कहना था कि आवेदन किया जा चुका है, लेकिन काफी लंबी प्रक्रिया बताकर विद्युत कनेक्शन नहीं दिया। इस वजह से बाहर अंधेरा रहता है और सारा काम जनरेटर से कराया जाता है। वह रविवार को एक शादी समारोह में गए थे और रात एक बजे जब वह फैक्ट्री के बाहर से गुजरे थे, तो उन्हें ताला बंद दिखा था। ऐसे में माना जा रहा है कि बदमाशों ने रात एक बजे के बाद ही ट्रक को फैक्ट्री के अंदर पहुंचाया होगा। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें