गभाना में रोड एक्सीडेंट में जख्मी महानगर के चंदन शहीद रोड इलाके के युवक की रविवार दुपहर मौत के बाद बखेड़ा खड़ा हो गया। पहले ही दिन से पुलिस पिटाई से जख्मी होने का आरोप लगा रहे परिवार ने युवक की मौत के बाद शव ऊपरकोट कोतवाली के सामने रखकर जाम लगाते हुए जबरदस्त हंगामा किया।
इस दौरान काफी संख्या में भीड़ परिवार के समर्थन में खड़ी हो गई और कोतवाली का घेराव करते हुए एसओ गभाना व उनकी टीम पर मुकदमे की मांग शुरू कर दी। कई घंटे की मान-मनौव्वल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत के साथ-साथ विरोध का सामना करना पड़ा। शव ले जाने वाली जिप्सी को पब्लिक ने आगे से रोकने की कोशिश की और रेलवे रोड तक पीछा किया। इससे आसपास के बाजार में भगदड़ और अफरा-तफरी मचने के साथ दुकानें बंद हो गईं। शहर में अफवाह फैल गई। शाम को पोस्टमार्टम के बाद वापस घर पहुंचे शव के जनाजे तक भारी भीड़ मौजूद रही। देर रात तक हंगामा जारी था।
ऊपर कोट चंदन शहीद रोड निवासी 28 वर्षीय आसिफ पुत्र मेरुद्दीन अपने साथी मोहसीन के साथ 14 अगस्त को बाइक द्वारा खुर्जा से लौट रहा था। गभाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस से डर कर भागते समय बुग्गी से बाइक टकरा गई। जिसमें आसिफ को गंभीर अवस्था में एक निजी अस्पताल लाया गया। जहां से मेडिकल कालेज में कौमा में आने पर परिजन उसे घर ले आए।
रविवार को उसकी मौत हो गई। हालांकि पहले ही दिन से परिजन एसओ गभाना मो.असलम व उनकी टीम पर आरोप लगा रहे थे कि आसिफ को चेकिंग के दौरान पीटा है। पिटाई से ही जख्मी होने पर अब उसकी मौत हुई है। यह आरोप लगाते हुए परिजनों व स्थानीय लोगों ने रविवार दुपहर शव कोतवाली के बाहर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई सैकड़ा की संख्या में एकत्रित हुए युवकों व महिलाओं से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ऊपर कोट का फड़ बाजार सहित आसपास का बाजार बंद हो गया। भीड़ एसओ व टीम पर मुकदमा व निलंबन की मांग कर रही थी।
करीब घंटे तक चले हंगामे की खबर पर कई थानों का फोर्स, पीएसी, क्यूआरटी, सीओ प्रथम, सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा नगर विधायक जफर आलम व कोल विधायक जमीरउल्लाह आदि भी पहुंच गए। जहां नगर विधायक ने अपनी ओर से पीड़ित परिवार को डेढ़ लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही कोतवाली के कमरे में परिजनों व अधिकारियों संग हुई वार्ता के बाद तय हुआ कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के आधार पर पुलिस पर कार्रवाई होगी। इस पर दो गुट बन गए। एक गुट पोस्टमार्टम चाहता था और दूसरा नहीं चाहता था। इसके चलते जब पुलिस शव को वहां से उठाने लगी तो पब्लिक ने जबरदस्त विरोध किया और हंगामा हुआ। इसके चलते पुलिस को जबरन हल्का बल प्रयोग कर शव निकालकर जीप में रखना पड़ा। इसके चलते कुछ लोग आगे से रोक रहे थे और कुछ पीछा कर रहे थे।
जीप रोकने की कोशिश के दौरान तमाम वाहन व तख्त भी जीप के आगे डाल दिए गए। मगर पुलिस उन्हें हटाते हुए जीप निकाल ले गई तो रेलवे रोड तक भीड़ ने जीप का पीछा किया। इससे रेलवे रोड, सब्जी मंडी, अब्दुल करीम चौराहा, छिपैटी व फूल चौराहे तक भगदड़ मच गई। पलक झपकते ही यहां अफवाह के साथ दुकानें बंद हो गईं। इन इलाकों में ग्राहक दहशत में आ गए। मगर पुलिस ने जैसे-तैसे हालात काबू किए और दौड़ लगा रही भीड़ रोकी।
शाम को कड़े पहरे में शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा और वहां से देर रात जनाजा शाहजमाल कब्रिस्तान गया। इस दौरान भारी हुजूम मौजूद रहा और हंगामा होता रहा।
घायल को दिया कुरान का वास्ता..बोला एक्सीडेंट हुआ
दुपहर में हंगामे के वक्त जब पब्लिक किसी की बात सुनने को तैयार न थी तो पुलिस ने उस घायल को मौके पर बुलाया, जो आसिफ के साथ जख्मी हुआ था। उससे सभी के सामने यह सवाल किया गया कि अगर वह सही-सही बात बताएगा और कुरान का वास्ता देकर कहा कि अगर वह कहेगा कि पुलिस ने पीटा है तो अभी मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। इस पर घायल युवक मोहसिन ने सभी के सामने यह स्वीकारा कि पुलिस से बचने के लिए भागे तो एक ट्रक को बचाने के चक्कर में बाइक बुग्गी से जा टकराई। इसी एक्सीडेंट में हम दोनों जख्मी हुए और बाद में दोनों को एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया।