बेसवां निवासी दलित विनोद के चार बच्चों में तीसरे नंबर की दो वर्षीय बेटी मोहिनी शुक्रवार दुपहर घर के बाहर खेलते समय गायब हो गई थी। तभी से उसे तलाशा जा रहा था। शनिवार सुबह पड़ोसी श्रीकिशन के घर पर शक गहराया।
इस सूचना पर सीओ बिजयेंद्र द्विवेद्वी, इंस्पेक्टर संजीव चौहान पहुंच गए। विनोद के शक के आधार पर श्रीकिशन के घर की तलाशी ली गई तो शव बरामद हो गया। उसके शरीर पर कोई जाहिरा चोट नहीं थी। हां, नाक से खून बहता मिला और गला दबाने जैसे निशान जरूर थे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के साथ-साथ श्रीकिशन, उसकी पत्नी राखी, श्रीकिशन के बड़े भाई धर्म सिंह को हिरासत में ले लिया। जब पुलिस तीनों को लेकर घर से बाहर निकली तो उन्हें गुस्साई भीड़ ने पकड़कर पीट दिया। पुलिस उन्हें किसी तरह बचाकर ले गई।
घटना के संबंध में विनोद ने तीनों पर मुकदमा दर्ज करा दिया है। पोस्टमार्टम में बच्ची की मौत दम घुटने से होना पाया है। इससे साफ है कि उसकी मुंह दबाकर हत्या की गई है।
इंस्पेक्टर संजीव चौहान का कहना है कि यह घटना बलि या तंत्र-मंत्र से जुड़ी कतई नहीं है। मामले की जांच व आरोपियों से पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि श्रीकिशन की पड़ोसी विनोद से बनती नहीं थी। इसी के चलते अब तक श्रीकिशन की दो पूर्व पत्नियां भी विनोद के परिवार की महिलाओं के झगड़ों से आजिज आकर चली गईं। श्रीकिशन ने यह तीसरी शादी की। इससे भी विनोद के परिवार की महिलाएं झगड़ा करती थीं। इसी झगड़े की रंजिश में बच्ची को मारा गया है। बाकी पोस्टमार्टम में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।