टीपीनगर क्षेत्र के जगन्नाथ पुरी में शनिवार दोपहर केमिकल के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आकर कई दुकानें भी आ गईं। केमिकल ड्रमों में धमाके होने पर गोदाम समेत मार्केट का लेंटर गिर गया। जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई। चार घंटे तक फायरब्रिगेड की टीम आग पर काबू नहीं पा सकी। आग की चपेट में आकर चार लोग झुलस गए।
टीपीनगर क्षेत्र के श्रीराम पैलेस निवासी सचिन गुप्ता का जगन्नाथ पुरी स्थित साहनी कांपलेक्स में केमिकल का गोदाम है। जिसमें टायरों की रबरिंग करने में इस्तेमाल किया जाता है। दोपहर को कर्मचारी गोदाम में काम कर रहे थे, तभी अचानक आग लग गई। आग की लपटें इतनी भयंकर थीं कि कांपलेक्स में लोगों को दुकानें बंद कर भागना पड़ा। देखते देखते आग ने भयंकर रूप ले लिया और केमिकल के ड्रमों तक पहुंच गई।
केमिकल के ड्रमों में आग लगने पर धमाके होने लगे। जिसके चलते कांपलेक्स और गोदाम का लेंटर नीचे गिर गया। लोगों में अफरातफरी मच गई। लोगों की सूचना पर पुलिस और फायरब्रिगेड की करीब दस गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कांपलेक्स में बनीं करीब 15 दुकानें भी जल र्गइं। फायर कर्मियों के चार घंटे मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस आग में चार लोग भी झुलस गए।
धमाकों के साथ फटे केमिकल ड्रम
एक के बाद एक करीब बीस केमिकल के ड्रम फटे। धमाकों के साथ केमिकल ड्रम फटने से हड़कंप मच गया। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। जगन्नाथपुरी की अधिकांश दुकानें बंद हो र्गइं। लोगों का कहना है कि अगर लेंटर नहीं गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मौके से चले गए गोदाम मालिक
जगन्नाथ पुरी में केमिकल गोदाम में आग लगने की सूचना शहर में आग की तरफ फैल गई। इतनी भयंकर आग कैसे और किसकी लापरवाही से लगी, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका। पुलिस का कहना है कि गोदाम मालिक वहां से चले गए थे। आग का कारण जानने के लिए फायरब्रिगेड की टीम देर रात तक कांपलेक्स में लगी रही।
आग से बचते रहे फायरकर्मी
आग लगने की सूचना पर घंटाघर, परतापुर और पुलिस लाइन से फायरब्रिगेड की करीब दस गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू करने में फायर कर्मियों को करीब चार घंटे लगे। फायरकर्मियों को कांपलेक्स में अंदर जाने का रास्ता तक नहीं मिला। लेंटर गिरा, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। लोगों ने बताया कि फायरकर्मी आग से बचते रहे।
लेंटर नहीं गिरता तो होता बड़ा हादसा
केमिकल गोदाम में आग भीषण रूप ले चुकी थी। लोगोें ने बताया कि लेंटर नहीं गिरता तो पड़ोस में गांधी ट्रांसपोर्टर के नाम से गौरव शर्मा का बड़े गोदाम तक आग पहुंच सकती थी। मेरठ व्यापारी संघ के मंत्री और ट्रांसपोर्टनगर व्यापार संघ के अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि उनके गोदाम में टायर, कपड़ा, महंगे पार्ट्स सहित करोड़ों का माल पड़ा रहता है।
केमिकल की कई अवैध फैक्ट्रियां
ट्रांसपोर्ट संघ अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि संघ की ओर से पहले भी केमिकल की फैक्ट्रियों के खिलाफ शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है कि ट्रांसपोर्ट नगर में एक बड़ा हादसा होने से बच गया। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ट्रांसपोर्ट संघ ऐसी फैक्ट्रियों के खिलाफ डीएम से मिलकर शिकायत करेगा।