टप्पल में पुलिस-एसटीएफ की संयुक्त मुठभेड़ में मारे गए दुर्दांत बावरिया गैंग का सरगना बबलू उर्फ गंजा का परिवार पुलिस को मिल गया है। वह बल्लभगढ़ के उसी पते पर मौजूद मिला, जहां का पता पुलिस रिकार्ड में बबलू का दर्ज था।
उसकी मां से टप्पल इंस्पेक्टर की मोबाइल पर बात हुई तो मां ने बबलू को अपना बेटा स्वीकारते हुए शनिवार देर रात देर रात अलीगढ़ पहुंच गई। जांच में यह भी पता चला है कि उसका पिता करीब साढ़े तीन साल पहले मथुरा में गिरफ्तार हुआ था। पहले वह मथुरा जेल में रहा। अब एक साल से अलीगढ़ जेल में है। यहां भी वह लूट के मुकदमे में ही आया है।
टप्पल में बृहस्पतिवार रात हुई मुठभेड़ में बबलू उर्फ गंजा पुत्र रामपाल निवासी करौली दबुआ कॉलोनी, बल्लभगढ़, फरीदाबाद, हरियाणा मारा गया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद मोरचरी में ही रखवा दिया और परिवार की खोज शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, एक लाख 7 हजार रुपये का इनामी बबलू 2014 से फरार था और बुलंदशहर के हाईवे गैंगरेप कांड से लेकर टप्पल में पूर्व डीआईजी के फार्म हाउस कांड और टप्पल में ही हाईवे पर लूट आदि चर्चित घटनाओं में वांछित था। इधर, पोस्टमार्टम में पता चला कि गोली उसके सीने को भेदते हुए कमर के रास्ते पार निकल गई। परिवार के आने के इंतजार में उसका शव पोस्टमार्टम केंद्र पर ही रखा है।
इंस्पेक्टर टप्पल आशीष कुमार सिंह ने बताया कि सिपाही को जब उसके परिवार की खोज में लगाया गया तो वह बल्लभगढ़ के उसी मोहल्ले में पहुंच गया, जहां उसका पता लिखा था। वहां उसकी मां, एक बड़ा भाई व दो छोटी बहनें मिल गईं। मां से फोन पर बात हुई है। वह शनिवार देर रात अलीगढ़ पहुंच गईं। और देर रात नुमाइश ग्राउंड के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।