क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अतरौली (अलीगढ़)।
थाना पालीमुकीमपुर क्षेत्र में छात्रा के साथ कोचिंग सेंटर में शिक्षक द्वारा की गई छेड़छाड़ के मामले में छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में दर्ज मुकदमे में विवेचक की ओर से एफआर लगाकर कोर्ट में भेजने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट को गुमराह करने वाली आख्या देने पर एडीजे-5 की अदालत ने नाराजगी जताते हुए एसओ पालीमुकीमपुर को कोर्ट में तलब किया है।
एक फरवरी 2017 की शाम करीब पांच बजे एक छात्रा पालीमुकीमपुर क्षेत्र के एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने गई थी। वहां शिक्षक ने छात्रा के साथ अश्लीलता करते हुए छेड़छाड़ की थी। पीड़ित पक्ष ने छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट में दर्ज बयानों में छात्रा ने वही आरोप लगाए। इसके बाद भी विवेचक ने कोर्ट में एफआर लगा कर रिपोर्ट भेज दी।
इस पर वादी की आपत्ति के बाद कोर्ट ने 27 मार्च को एफआर निरस्त करते हुए पुन: विवेचना के आदेश दिए थे। 26 अप्रैल को वादी ने प्रगति आख्या तलब किए जाने के लिए कोर्ट में आवेदन किया। कोर्ट ने विभिन्न तिथियों में विवेचक को तलब किया। आरोप है कि विवेचक जुगल किशोर ने कोर्ट में गुमराह करने वाली आख्या दी। कोई स्पष्ट आख्या नहीं दी।
इस पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शाहिद रजा की कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए एसओ पालीमुकीमपुर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया। कहा कि एसओ कारण दर्शाएं कि क्यों और किन परिस्थितियों में विवेचक द्वारा गुमराह करने वाली आख्या प्रस्तुत की गई? साथ ही प्रगति आख्या नियत तारीख में प्रत्येक दशा में न्यायालय में प्रस्तुत करें। इसमें कोई त्रुटि न हो।