न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बुधवार सुबह दाउद खां रेलवे स्टेशन पर एक के बाद एक कुल पांच ट्रेनों पर रेलवे मजिस्ट्रेट के निर्देश पर छापा मारा गया। जिससे ट्रेनों के सफर कर रहे बिना टिकट यात्रियों में खलबली मच गई। कुछ इधर उधर कूदकर भागे तो उनको पुलिस ने दबोच लिया। इस दौरान एक अधिकारी से धक्कामुक्की हो गई। जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने सख्ती से सभी को दबोच कर हिरासत में ले लिया।
सीएमआई संजय शुक्ला ने बताया कि रेलवे मजिस्ट्रेट अभिषेक चतुर्वेदी के नेतृत्व में सुबह सात बजे दो बस और एक कार से टिकट चेकिंग दल, डीटीएम पीके शर्मा, सीएमआई हनुमान मीणा और आरपीएफ के सिपाहियों की टीम दाउद खां रेलवे स्टेशन पहुंची।
वहां पर अलीगढ़ की ओर आ रही टूंडला अलीगढ़ दिल्ली ईएमयू और हाथरस अलीगढ़ दिल्ली ईएमयू के साथ कानपुर की ओर जा रही टाटा मूरी, दिल्ली जा रही संगम एक्सप्रेस और ऊंचाहार एक्सप्रेस पर छापा मारा गया। मौके पर कुछ यात्री इधर उधर भाग गए और 155 बेटिकट पकड़े गए। 33 पुरुष यात्रियों को महिला कोचों में सफर करते हुए दबोचा गया।
इन सभी को रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां से 130 मुसाफिरों को जुर्माना लेने के बाद भी जेल भेज दिया गया। रेलवे मजिस्ट्रेट ने कहा कि जुर्माना देने की प्रवृत्ति से बिना टिकट यात्रा करने वाले डरते नहीं हैं इसलिए उनको अब जेल भेजा जाएगा।
जेल भेज गए बेटिकट यात्रियों को पहले तीन दिन और उसके बाद निर्धारित जुर्माना नहीं देने पर सात दिन तक जेल में रहना पड़ेगा। आगे भी इस तरह का मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान चलता रहेगा, ताकि रेलवे को राजस्व का नुकसान न हो।
चेकिंग के भय से मडराक में बिके 600 टिकट
रेलवे मजिस्ट्रेट की इस चेकिंग का भय इस कदर देखने को मिला कि दिल्ली जाने वाली दोपहर की अंतिम टीएडी पैसेंजर के मडराक रुकने पर वहां 600 लोगों ने टिकट लिए। क्योंकि पिछले स्टेशनों पर इस चेकिंग व जेल भेजने की चर्चा फैल गई। इसके चलते मडराक पर टिकट लेने को मारामारी हो गई। इस पर वहां फोर्स लगाकर टिकट बिकवाए गए।