न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
रेलवे जंक्शन की पार्किंग में बिना पर्ची काटे गाड़ी खड़ी करने को लेकर टीई और महिला पुलिसकर्मी में हुआ विवाद जीआरपी के लिए भारी पड़ गया है। महिला पुलिसकर्मी की शिकायत पर टीई को पकड़ने पहुंचे जीआरपी सिपाही नगेंद्र पाल को टीई के साथ अभद्रता करने के आरोपों के चलते लाइन हाजिर कर दिया गया है। सिपाही को आगरा जीआरपी लाइन में भेजा गया है। इधर, माना जा रहा है कि इस प्रकरण में किसी अफसर पर भी गाज गिर सकती है। फिलहाल इटावा जीआरपी सीओ प्रकरण की जांच में जुटे हैं।
गत मंगलवार को अलीगढ़ रेलवे जंक्शन की सिविल लाइंस साइड की मंदिर वाली वाहन पार्किंग पर तैनात टीई विश्राम सिंह और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच पार्किंग में बिना पैसे दिए स्कूटी खड़ी करने को लेकर विवाद हो गया था। महिला पुलिसकर्मी ने इसकी सूचना जीआरपी को दे दी। सिपाही नगेंद्र पाल टीई को पकड़ने पहुंच गया। आरोप है कि नगेंद्र पाल ने टीई के साथ अभद्रता की थी। साथ ही बिना सच्चाई जाने जीआरपी ने उसे शांति भंग में पाबंद कर दिया। साथ ही महिला पुलिसकर्मी को वहां से भगा दिया। इसी बात को लेकर यूनियन ने काफी हंगामा किया था।
सीओ इटावा जीआरपी मामले की जांच करने अलीगढ़ जंक्शन पर आए तो उन्होंने यूनियन के पदाधिकारियों, टीई और जीआरपी कर्मियों से बातचीत की। इसके बाद सिपाही को लाइन हाजिर करने का आदेश थाने पर पहुंचा है। इधर, मामले में फंसे अन्य सिपाहियों में भी कार्रवाई का खौफ है। वहीं, चर्चा है कि एक अफसर पर ही इस मामले में गाज गिर सकती है। सीओ रविकांत पाराशर के मुताबिक सिपाही को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच जारी है।
आखिर कौन थी महिला पुलिसकर्मी
विवाद की मुख्य वजह रही महिला पुलिसकर्मी आखिर कौन थी। इस बात से जीआरपी ने पर्दा नहीं उठाया है। जीआरपी महिला के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से लगातार इंकार कर रही है और न ही उसकी ओर से किसी भी प्रकार की तहरीर की बात को कुबूल रही है।