न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू में 2 मई को हुए बवाल-लाठीचार्ज के बाद सुर्खियों में आए सीओ तृतीय संजीव दीक्षित का अचानक सीएम के राजनीतिक जनपद गोरखपुर में तबादले पर तमाम चर्चाओं ने जन्म ले लिया था।
खुद अधिकारी भी नहीं समझ पा रहे थे कि यह सब अचानक क्यों और कैसे हो गया। तमाम प्रयास के बाद बात सीएम कैंप तक पहुंचाई गई और एएमयू की खातिर बमुश्किल उनका तबादला रुकवाया गया है। शनिवार को उनको रिलीव करने का अंतिम दिन था। उसी दिन दोपहर में उनका तबादला रुकने का आदेश आ गया।
एएमयू कांड के बाद अचानक सीओ संजीव दीक्षित के तबादले पर उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया था। डीजीपी स्तर तक एक ही बात कही जा रही थी कि एएमयू से चिरपरिचित अधिकारी को इस तरह हटाना ठीक नहीं।
चूंकि तबादला गोरखपुर हुआ था तो डीजीपी भी अलीगढ़ दौरे के समय यह कह गए थे कि रमजान के बाद रिलीव कर दें, मगर तबादला रुकने की गुंजाइश नहीं है। इसके बाद अधिकारी परेशान थे।
किसी तरह यह बात सीएम कैंप तक पहुंचाई गई। फिर भी बार-बार उन्हें ईद के दिन कार्यमुक्त करने के रिमाइंडर आ रहे थे। इसी बीच शनिवार दोपहर संजीव दीक्षित का तबादला रुकने का आदेश आ गया। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। इधर, एक अन्य डीएसपी प्रमोद सिंह को लखनऊ से यहां भेजा गया है।