न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गणतंत्र दिवस और अन्य सुरक्षा कारणों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंकी सुगबुगाहट के चलते अब नेशनल इंबेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) की टीम ने अलीगढ़ में डेरा डाल दिया है। टीम की मौजूदगी को बेहद गोपनीय रखा गया है। यही कारण है कि खुलकर कोई भी इस विषय में नहीं बोल रहा है। यह टीम यहां पर बेहद गोपनीयता के साथ अपना काम कर रही है और कई संगठनों, व्यक्तियों, संस्थाओं की गतिविधि को रडार पर लिया है।
पिछले दिनों एनआईए ने अमरोहा में आतंकी गतिविधियों में लिप्त छह लोगों को पकड़ा। इसके बाद 16 अन्य स्थानों पर दबिश दी गई। उसी समय छानबीन में साफ हो गया था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों में आतंकियों के तार जुड़े हुए हैं।
कुछ दशकों पहले सिमी की स्थापना, उसकी वैचारिक पृष्ठभूमि की स्थानीय स्तर पर मौजूदगी, हिजबुल कमांडर मन्नान वानी प्रकरण के बाद एनआईए का फोकस स्वाभाविक तौर पर अलीगढ़ पर हो गया।
चर्चा यह भी है कि दो दिन पहले दिल्ली हावड़ा ट्रैक पर टूंडला के आसपास आतंकियों की तलाश में कुछ संदिग्धों को चलती ट्रेन में ही हिरासत में ले लिया। साथ चल रहे यात्रियों ने जब पूछताछ और प्रतिरोध किया तो कहा गया कि जहरखुरान हैं। इसके बाद एनआईए की टीम ने अलीगढ़ में डेरा डाल दिया है।
बताया गया है कि टीम के सदस्य किसी भी वेशभूषा में हो सकते हैं। वह शिक्षक, व्यापारी, किसान, दूधिए आदि किसी भी हाल में हो सकते हैं। बताया गया है कि फिलहाल उनका मकसद यहां के हालात पर नजर रखना और फीडबैक उच्च स्तर पर देना है।
एनआईए या कोई भी सुरक्षा ऐजेंसी हमसे कोई भी किसी भी तरह का सहयोग या जानकारी मांगेगी, हम उपलब्ध कराएंगे।
- अजय कुमार साहनी, एसएसपी