क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के आवास पर सोमवार दोपहर बाद हंगामा हो गया, यहां आंधी तूफान में दीवार गिरने से घायल हुए लोगों को चारपाई में लाद कर लाया गया था। घायलों के आक्रोशित परिजन इलाज में लापरवाही बरतने और कोई मदद नहीं मिलने से गुस्साए थे। डीएम आवास पर घायलों के पहुंचने की खबर मिलते ही एसडीएम कोल रंजीत सिंह, एसीएम अंजुम बी, सिटी मजिस्ट्रेट नलिनीकांत, तहसीलदार कोल समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। सिविल लाइन और बन्ना देवी इंस्पेक्टर के साथ दोनों सीओ भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हंगामा कर रहे परिजनों को शांत किया और उनको तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां घायलों का दोबारा से इलाज कराया गया। इस आपाधापी में गंभीर रूप से घायल राधा ने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। दीवार गिरने से राधा की रीढ़ की हड्डी टूट चुकी थी। राधा के निधन बाद परिजन और भड़क गए और उन्होंने अस्पताल में भी शोरशराबा किया, अधिकारियों ने कई तरह से उनको समझा बुझा कर शांत किया। राधा के पति को मुआवजा देने की बात हुई तब कहीं लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
27 वर्षीय राधा पत्नी सिकंदर निवासी आगरा रोड निकट राधा रमण गोशाला शनिवार रात आई आंधी में दीवार गिरने से बुरी तरह से घायल हो गई थी। राधा अपने पति और तीन बेटी व एक बेटे के साथ यहां रहती थी। नट जाति के ये सभी लोग गोशाला के बाहर अस्थायी झुग्गी झोपड़ी में रह रहे थे। ये लोहे के बर्तन बनाने, पत्थर पर दांत बनाने, मजदूरी करने, ई रिक्शा, रिक्शा चला कर जीवन यापन करते हैं। इस झुग्गी झोपड़ी में दस परिवारों के साथ लगभग 50 लोग रहते हैं। सिकंदर भी मजदूरी करता है। गोशाला की सामने की मुख्य दीवार का एक हिस्सा गिरने से पांच छह झोपड़ी इसकी चपेट में आई थी जिसमें एक झोपड़ी राधा की भी थी। दीवार कमजोर थी, जिसको मजबूत नहीं किया गया था। झोपड़ी वालों का कहना था उनको हटाने के लिए ही दीवार को मजबूत नहीं किया गया है, जबकि वो गोशाला बनने से पूर्व वहां रह रहे हैं।
राधा समेत शीला, लाला और मुनिया। गंभीर रूप से घायल चारों को पहले जिला अस्पताल और उसके बाद एएमयू के जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। इनके परिजनों का कहना था कि शनिवार से लेकर रविवार तक उनको मेडिकल में ठीक से इलाज नहीं मिला, दवाओं के अभाव में उनको वहां से चलता कर दिया गया। मेडिकल से निकाले जाने के बाद ही वह मजबूरी में जिलाधिकारी आवास पर पहुंचे हैं।
प्रशासनिक पुलिस अधिकारियों ने पूरा प्रकरण सुनने के बाद आननफानन में सभी घायलों को दोबारा से जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने राधा का परीक्षण कर उसको मृत घोषित कर दिया। राधा के मरने की खबर पर परिजन दोबारा भड़क गए। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने पर परिजनों ने विरोध किया। इस पर अधिकारियों ने दोबारा से परिजनों को समझाया कि डॉक्टर देख रहे हैं। बहरहाल, राधा मर चुकी थी इसलिए इस खबर को बहुत देर तक दबाया नहीं जा सका। हां, अधिकारियों ने राधा के पति सिकंदर को मुआवजा देने की बात कह हंगामे को संभाला। सिकंदर से उसके बैंक खाते और आधार नंबर पूछा तो पता चला कि आधार कार्ड तो हैं, लेकिन बैंक खाता नहीं है। इस पर आननफानन में उसका मूल निवास प्रमाण पत्र बनवा कर खाता खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई। जिससे आपदा राहत कोष से उसको मदद दी जा सके। दो अन्य घायल शीला पत्नी जयप्रकाश, लाला पुत्र जयप्रकाश को दोबारा से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रविवार को भी हुआ था हंगामा
अलीगढ़। शनिवार की आंधी तूफान में झुग्गी झोपड़ी वालों को खासा नुकसान हुआ। दीवार गिरने से उनकी दो बकरियां भी मर गईं थी। उनके पड़ोसी भी घायल थे, इसलिए इन सभी ने रविवार सुबह भी हंगामा किया था। जिसको पुलिस ने पहुंच कर शांत कराया।
राधा के पति सिकंदर को मिलेंगे चार लाख
अलीगढ़। एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने बताया कि राधा के पति सिकंदर को राज्य आपदा मोचन निधि से चार लाख रुपये दिये जाएंगे। चूंकि यह लोग नट जाति के हैं और इनका बैंक खाता नहीं है। इस वजह से पहले बैंक खाता खुलवाया जाएगा। सोमवार रात में उसका पोस्टमार्टम होगा और उसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर पैसा खाते में स्थानांतरित किया जाएगा।
पाइपलाइन लीक होने से हुआ था हादसा
नगर निगम के खिलाफ हुआ था वाद दायर
अलीगढ़। अधिवक्ता डॉ. अलोक बंसल ने आगरा रोड जय महल के पास, रामघाट रोड पर ओएलएफ स्कूल के पास, रुसा हास्पिटल के निकट लोधीपुरम तक लीक हुई पाइप लाइन को ठीक कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष अपील की थी। आलोक बंसल ने नगर आयुक्त नगर निगम और अवर अभियंता जलकल विभाग के विरुद्ध वाद दायर कराया था। जिसमें मांग की गई थी कि उक्त क्षेत्रों में पानी की लाइन लीक होने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और भवनों की नींव में पानी जमा हो रहा है, जिससे भवन कमजोर हो रहे हैं। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। नगर निगम के जलकल विभाग ने उक्त मामले में अपना पक्ष रखा। जिसमें कहा गया कि उक्त सभी स्थानों पर नेशनल हाईवे अथारिटी से काम कराने की सहमति मांगी गई है, क्योंकि वर्तमान में दोनों ही रोड नेशनल हाईवे अथारिटी के पास है, जहां पाइप लाइन लीक होने की शिकायत है। नगर निगम ने बताया कि 7 फरवरी को उक्त स्थानों पर काम कराने का टेंडर जारी कर दिया गया हैै, जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।