क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
अकराबाद की मंदिर कमेटी की ट्रस्ट समिति के पदाधिकारियों को मृत दर्शाने का मामले में पीड़ित अब थाने से लेकर सीएम दफ्तर तक एक ही सवाल पूछते फिर रहे हैं कि आखिर वह कब जिंदा साबित होंगे।
पीड़ितों ने सोमवार को भी एसएसपी से मुलाकात की। जहां बताया गया कि जुलाई 2017 में दर्ज मुकदमे में अभी तक न तो विवेचक विवेचना पूरी कर पाए और न फर्जीवाड़ा करने वालों की गिरफ्तारी ही की गई है। इस पर एसएसपी ने उन्हें उचित भरोसा दिलाया है।
शिकायतकर्ता महेंद्र सिंह निवासी अकराबाद ने बताया कि यह सोसाइटी काफी पुरानी है। जिसमें अध्यक्ष कपिल, उपाध्यक्ष रामेश चन्द्र और प्रबंधक महेंद्र थे। यह चार सौ गज पुराना मंदिर था, जिसकी समिति के अध्यक्ष, प्रबंधक और उप प्रबंधक यानि कि हम सभी को मृत घोषित दिखाकर कुछ गांव के लोगों ने फर्जी तरीके से जमीन को हथिया लिया है।
मंदिर की जमीन और उस पर आने वाले चढ़ावा के संबंध में पिछले वर्ष एसएसपी से शिकायत की तो केस भी दर्ज हो गया, लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। यही नहीं अब नोटरी पर सभी पदाधिकारियों को मृत दर्शाया गया है।
इसकी लगातार शिकायत की जा रही है लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। बाद में विवेचना क्राइम ब्रांच के पास भेज दी गई है।
मगर क्राइम ब्रांच के स्तर से भी मदद नहीं मिली, जबकि पीड़ितों ने यहां से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक में शिकायत कर ली। सोमवार को फिर पीड़ित एसएसपी से मिले। इस पर एसएसपी ने उन्हें उचित भरोसा दिलाया है।