न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हसायन। हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के गांव बोनई में मंगलवार की दोपहर करीब तीन बजे से राशन कार्ड वितरण के दौरान कुछ युवकों ने हेडमास्टर के साथ दस रुपये प्रति कार्ड के हिसाब से मांगने पर अभद्रता कर दी। घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी हेडमास्टर ने केशोपुर पुलिस चौकी को फोन कर दी। पुलिस भी आरोपियों की तलाश में मौके पर पहुंची मगर आरोपी पुलिस के सामने ही हेडमास्टर को डरा-धमकाकर राशन कार्ड लेकर भाग गए।
मामला केशोपुर पुलिस चौकी पर पहुंचा मगर किसी भी तरह का निर्णय नहीं होने पर पुलिस घटना की जानकारी और पीड़ित को लेकर कोतवाली हाथरस जंक्शन पहुंच गए। ग्रामीणों द्वारा शिक्षक पर फैैसला किए जाने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। कोतवाली प्रभारी हाथरस जंक्शन डीके सिसौदिया का कहना है कि अभी शिक्षक से कुछ लोगों की बातचीत हो रही है। शिक्षक से बातचीत होने के बाद ही शिक्षक के तहरीर दिए जाने के बाद ही कुछ कार्यवाही की जाएगी। पीड़ित शिक्षक का कहना था कि पुलिस तहरीर दिए जाने के बाद भी घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
सोरन सिंह पुत्र श्यामलाल निवासी विद्यानगर कॉलोनी हाथरस हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के गांव बोनई में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात हैं। वह शासन के निर्देश पर मंगलवार को ग्राम प्रधान राजीव कुमार की मौजूदगी में राशन कार्डों का वितरण कर रहे थे। तभी गांव के तीन दबंग युवकों ने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाध्यापक सोरन सिंह से अपने राशन कार्ड मांगना शुरू कर दिया। जब प्रधानाध्यापक सोरन सिंह ने तीनों युवकों को राशन कार्ड दिए जाने के बाद राशन कार्ड के रुपये मांगे तो विद्यालय में युवकों ने यह कहते हुए हंगामा कर दिया कि यह राशन कार्ड सरकार ने मुफ्त भिजवाए हैं, जबकि प्रधानाध्यापक का कहना था कि इन कार्डों की कीमत 10 रुपये है। जब युवकों ने रुपये नही दिए तो हेडमास्टर ने उनसे उनके राशन कार्ड ले लिए।
इसी बात पर इन युवकों ने हेडमास्टर से गाली-गलौज और मारपीट की। आरोप है कि यह युवक विद्यालय के रजिस्टर और राशन कार्ड वितरण की सूची को फाड़कर राशन कार्ड निकालकर ले गए। हेडमास्टर ने पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अभी तक उनकी डॉक्टरी भी नहीं कराई गई है।