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कुख्यात मुनीर के साथी रेहान को लखनऊ की

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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
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अप्रैल 2016 में एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की बिजनौर जनपद में हत्या सहित अनगिनत अपराधों में शामिल मुनीर महताब निवासी बिजनौर के साथी रेहान को एसटीएफ लखनऊ की यूनिट ने कुछ दिन पहले रेलवे स्टेशन से उठा लिया था और पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया है।

रेहान से हुई पूछताछ की चार प्रमुख वजह बताई जा रही हैं। आजमगढ़ निवासी रेहान एएमयू का पूर्व छात्र है जो परिवार के साथ लंबे समय से धौर्रामाफी में रहता है। बीते शुक्रवार की रात साढ़े तीन चार बजे रात रेलवे स्टेशन के पास से एसटीएफ लखनऊ की यूनिट ने उठाया था।
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रेहान को उठाने के बाद शोर मचा तो उसके भाई अबू ओसामा ने अज्ञात लोगों पर अपहरण का अंदेशा जताते हुए थाना सिविल लाइंस में तहरीर दे दी थी। पुलिस अधिकारियों और एएमयू छात्र नेताओं के साथ कई बार बात करने के बाद भी रेहान का कोई पता नहीं चला।

इस मामले में पुलिस के टिवट्र हैंडलर पर भी शिकायत की गई थी। बाद में पता चला कि एसटीएफ लखनऊ यूनिट ने रेहान को उठाया था और पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया है। रेहान अब लौट आया है। एसटीएफ द्वारा रेहान से पूछताछ की पुष्टि स्थानीय पुलिस अधिकारी भी कर रहे हैं, लेकिन कोई इसकी मूल वजह नहीं बता रहा हैै।

पुलिस सूत्रों की मानें तो रेहान से पूछताछ चार वजहों से की जा रही है। पहला.. आज तक आलमगीर हत्याकांड में वांछित एएमयू के पूर्व छात्र सऊद निवासी आंबेडकर नगर का कोई पता नहीं चल सका है।

सऊद पर आरोप है कि उसने जेल में बंद मुनीर के साथी आशुतोष का संदेश मुनीर तक पहुंचाया था कि आलमगीर को मारना है। मुनीर के साथ सऊद भी आलमगीर हत्याकांड में साथ में रहा था।

आज तक सऊद नहीं पकड़ा गया। सऊद के विदेश भाग जाने की भी चर्चा हो चुकी है, क्योंकि सऊद के कुछ परिजन सऊदी अरब में हैं और वह वहां पर जा सकता है, लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। रेहान को उठा कर पूछताछ करने का पहला कारण सऊद की पड़ताल करना माना जा रहा है।

दूसरा कारण... रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की सरकारी पिस्टल का आज तक बरामद न होना है। आखिर पिस्टल किसके पास है..? तीसरा कारण.. मुनीर ने लखनऊ और दिल्ली में पुलिस कर्मियों की हत्या कर जो हथियार लूटे थे वो कहां पर हैं..? और इनको कौन इस्तेमाल कर रहा है..? चौथा कारण.. लंबे समय से मुनीर और आशुतोष तिहाड़ जेल में है तो फिर इनकी तरफ से गवाहों को धमकाने में कौन कौन शामिल है..? एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एसटीएफ पूरे मामले पर काम कर रही है। उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है।
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सितंबर 2015 में एएमयू के डीएस डब्ल्यू छात्र आलमगीर की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले फरवरी 2015 में पान दरीबा पर तत्कालीन रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या कर सरकारी पिस्टल लूट ली गई थी। उक्त दोनों मामलों में मुनीर जेल में है और रेहान को उसका साथी होने के नाते पुलिस की पूछताछ का सामना करना पड़ा है। आलमगीर हत्याकांड में आजमगढ़ निवासी रेहान साजिशकर्ता के रूप में 120 बी में नामजद हुआ था। रेहान ने इस मामले में अदालत में समर्पण कर दिया था और साक्ष्यों के अभाव में उसको बरी कर दिया गया था। एक अन्य हमले के मामले में धारा 307 में नामजद रेहान को जमानत मिली है। जिसके बाद वह हाल ही में बाहर आया है।
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