क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मकान पर कब्जा करने, महिलाओं से अभद्रता व मारपीट करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ थाना बन्नादेवी में रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह मामला उदय सिंह जैन कन्या इंटर कॉलेज के पास का है। परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है।
उदय सिंह जैन रोड जामाजी का पेच निवासी रेखा देवी पत्नी चंद्र कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि 17 मार्च को विनीत कुमार पुत्र संतोष कुमार निवासी कावेरी इंक्लेव स्वर्ण जयंती नगर रामघाट रोड अपने करीब 50 साथियों के साथ उनके घर आया।
विनीत ने उनके पति चंद्र कुमार व छोटे बेटे मोहित कुमार से गालीगलौज की। पति और बेटे के विरोध करने पर बेटे की पिटाई की, जिसमें उसे काफी चोटें आई थीं। रेखा देवी का आरोप है कि यह लोग जबरन उनके मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। उनके घर का बंटवारा नहीं हुआ, सिर्फ बीच में दीवार खींच दी गई थी।
जेठ का घर खाली है। दोनों भतीजे बाहर रहते हैं। पूरा घर बीम पर बना है। अब बीम को काटा जा रहा है, ऐसे में पूरे घर के गिरने की संभावना है। रेखा का कहना है कि घर की महिलाओं से अभद्रता भी गई थी। इस संबंध में थाना बन्नादेवी में तहरीर दी गई थी। रेखा की तहरीर पर विनीत कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है। विनीत उन्हें और पूरे परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा है।
पिता की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग
डॉ. प्रतीक वार्ष्णेय के पिता प्रमोद कुमार और रेखा देवी के पति चंद्र कुमार वार्ष्णेय दोनों भाई हैं। डॉ. प्रतीक ने एसएसपी को पत्र भेजकर उनके पिता प्रमोद कुमार की मौत के मामले में चचेरे भाई मोहित कुमार वार्ष्णेय पुत्र चंद्र कुमार वार्ष्णेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। डॉ. प्रतीक ने बताया कि उनके पिता की 31 दिसंबर 2014 में मौत हो गई थी। उनकी मां और पड़ोसियों ने बताया कि वह मंदिर के पीछे से आ रहे थे। उन्हें रिश्तेदार विनीत कुमार वार्ष्णेय व अन्य लोग केके हास्पिटल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। परिवार के लोग पिता की स्वाभाविक मौत बता रहे थे, जबकि वह पूरी तरह स्वस्थ थे। पिता की मौत के बाद मां मेरे साथ खन्ना (लुधियाना) आ गईं। विनीत को घर की जिम्मेदारी सौंप दी। उन्हें पावर ऑफ अटार्नी बना दिया। डॉ. प्रतीक ने कहा कि 20 मार्च 2018 को मोहित कुमार ने फेसबुक पर ‘मैंने प्रतीक के बाप का मर्डर किया था, उसका फल भोग रहा हूं’ पोस्ट किया था। यह पोस्ट पढ़कर मैं दंग रह गया।