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पार्किंग के लिए धरना दिया तो वकीलों पर हुआ मुकदमा

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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जिला न्यायालय परिसर में पार्किंग की समस्या को लेकर हुए प्रदर्शन में अधिवक्ताओं के खिलाफ अब रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। केंद्रीय नाजिर द्वारा दर्ज कराई गई इस रिपोर्ट में बार के अध्यक्ष व महासचिव सहित चौदह अधिवक्ताओं को नामजद किया गया है। इसकी जानकारी जब अधिवक्ताओं को मिली तोे अधिवक्ताओं में रोष पनप गया।

बार एसोसियेशन की इसे लेकर हुई आपातकालीन बैठक में रिपोर्ट दर्ज कराने की निंदा की गई। साथ ही वकीलों ने फैसला लिया कि जब तक एफआईआर वापस नहीं होगी और पार्किंग की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। अगले तीन दिन तक दीवानी परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे।
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दीवानी परिसर में पार्किंग की समस्या को लेकर 12 जनवरी को वकीलों ने सड़क पर आकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान हंगामा भी हुआ था। अब इस मामले में जनपद न्यायालय के केंद्रीय नाजिर हरिकृष्ण कुलश्रेष्ठ ने थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

इसमें कहा गया है कि 12 जनवरी को सुबह सवा नौ बजे अधिवक्ता समूह बनाकर जनपद न्यायालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे थे और गेट का ताला तोड़ने का प्रयास कर रहे थे।

न्यायिक अधिकारियों के सरकारी वाहनों को भी अंदर नहीं जाने दिया। समझाने पर अधिवक्ताओं ने न्यायिक अधिकारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी। बाद में अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में भी माइक लेकर नारेबाजी की।

यह रिपोर्ट विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इसमें बार के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महासचिव रामअवतार सिंह, विशेष कुमार शर्मा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अतुल कुमार यादव, उपसचिव विनोद कुमार, मंगेश कुमार उपसचिव, ठा. ब्रजेश सिंह, अजीत सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, अब्दुल वहीद खान, सत्यवीर सिंह चौहान, हेमेंद्र कु्मार वार्ष्णेय, अनुप कौशिक, राकेश कुमार व अन्य वकीलों को नामजद किया गया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।

इधर, रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिलते ही वकीलों में रोष व्याप्त हो गया। दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन व दि सिविल बार एसोसिएशन की बैठक दीवानी परिसर कार्यालय में हुई। इसमें नाजिर द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट की तीखी निंदा की गई।

सर्वसम्मति से वकीलों ने कहा कि जब तक एफआईआर वापस नहीं होगी और पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होगी। तब तक वह न्यायिक कार्य के विरत रहेंगे। साथ ही 17 से 19 जनवरी तक दीवानी परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे।
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साथ ही यह भी तय किया गया कि यदि इस पर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो दोनों बार की बैठक 20 जनवरी को बुलाई जाएगी और तब अगला निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर अध्यक्ष व महासचिव सहित तमाम अधिवक्तागण मौजूद रहे।
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