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पार्किंग कारिंदे ने फिर की उपभोक्ता से हाथापाई, व्यापारियों ने कर दी धुनाई

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
राजगुरु मार्केट पार्किंग में बड़ा घालमेल चल रहा है। पार्किंग ठेकेदार की जबरदस्त मनमानी है। नगर निगम पार्किंग का ठेका रद्द कर चुकी है मगर ठेकेदार कैंसिलेशन लेटर रिसीव नहीं कर रहा। उधर मंगलवार को दोपहर बाद पार्किंग के उसी कारिंदे ने फिर एक कस्टमर के साथ हाथापाई कर डाली। मामले की सूचना व्यापारियों को मिली। व्यापारी एकत्रित हो गए उन्होंने पहले कारिंदे को धुना और फिर मार्केट में खड़ी पीसीआर में कारिंदे को डाल दिया। पूरा मामला ठेकेदार की नॉलेज में है इसके बावजूद ठेकेदार के कारिंदे अवैध रूप से पार्किंग की पर्चियां काट रहे हैं। इस मामले का खुलासा व्यापारियों ने खुद मंगलवार को किया। इससे पहले धरने पर बैठे कुछ व्यापारियों ने पार्किंग की पर्चियां काट रहे ठेेकेदार के कारिंदों की पर्चियों वाली बुक छीन ली। गुस्साए व्यापारियों ने कहा कि ये गुंडागर्दी नहीं चलेगी। जब ठेका रद्द हो चुका है तो आप लोगों की हिम्मत कैसे हुई कि आप लोग यहां पर्चियां काटें। उन्होंने रामचाट के सामने लगे कारिदों को मौके से भगा दिया। मामला धीरे-धीरे पूरी मार्केट में पहुंच गया।
ठेकेदार ने पूरी नहीं की शर्तें
ठेकेदार ने पार्किंग के ठेके के लिए शर्तें पूरी नहीं की। निगम अधिकारियों ने ठेकेदार को बार-बार नोटिस थमाया था। ठेकेदार ने नोटिस भी परवाह किए बिना फिर भी कोई कंडीशन पूरी नहीं की। नोटिस बार-बार थमाए जाने के बावजूद कमिश्नर के निर्देशों की अवहेलना करना व नियमों के अनुसार ठेके की शर्तों को पूरा न करने की एवज में ठेका कैंसिल कर दिया गया। नगर निगम ने ये टेंडर 8 लाख 80 हजार रुपये में ठेकेदार को दिया था। यह पहला मामला नहीं है जब ठेकेदार का ठेका रद्द हुआ हो, अब तक जितने भी ठेकेदार यहां आए हैं सभी का ठेका निगम को रद्द की करना पड़ा है।
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3 जनवरी से ठेकेदार को भेज रहे हैं लेटर, गलत पता बताकर वापस भेजा
नगर निगम के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो पार्किंग का ठेका 3 तारीख से ही रद्द किया जा चुका है। ठेकेदार को कैंसिल का लेटर थमाने के लिए निगम की तरफ से कई बार कॉल की गई। मगर ठेकेदार अभी आ रहा हूं की बात कहकर नहीं पहुंचता। निगम स्टाफ कई बार मार्केट में भी लेटर देने के लिए गया मगर वहां भी ठेकेदार नहीं मिल पाता। इसके बाद निगम ने ठेेकेदार के घर के पते पर लेटर भिजवाया। पोस्ट से भी लगत पता बताकर लेटर वापस निगम में आ गया।
वर्जन
मुझे अभी तक कोई ऐसा लेटर नहीं मिला है। आज तक तो हमारा ठेका कानून है। आगे का पता नहीं। व्यापारियों ने एक बार बुक छीनी थी बाद में कारिंदों ने पार्किंग फीस की पर्चियां काटी थी।
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- महेंद्र ठेकेदार।

ऑर्ग्रेनाइजेशन प्रधान बोले, टू व्हीलर फ्री की सुविधा करे ठेकेदार तो चला लें पार्किंग
हाथापाई मामले के बाद ऑर्गेनाइजेशन के प्रधान अक्षय मलिक की अन्य व्यापारियों के साथ मीटिंग हुई। मीटिंग में फैसला हुआ कि अगर ठेकेदार 30 साल से अधिक की उम्र वाले कारिंदे रखता हो और टू व्हीलर की पार्किंग फीस ना ले तो पार्किंग चला सकता है। इस मौके पर व्यापारी टीनू आहूजा, नवीन आहूजा, दर्शन खुराना, हरबंस नागपाल, अजय सैनी, सुरेंद्र सोनी आदि मौजूद रहे।

पार्किंग कारिंदे ने फिर की उपभोक्ता से हाथापाई, व्यापारियों ने कर दी धुनाई
- निगम के बार-बार बुलाने पर भी नहीं पहुंचता ठेकेदार
-मार्केट में भी नहीं मिल रहा, पोस्ट से भेजा गया लेटर भी आया वापस निगम में
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