तस्वीर महल के पासतिब्बिया कॉलेज के सामने पड़ी गिट्टी और बदरपुर। संवाद
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स्मार्ट सिटी का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) बना रही एजेंसी स्वयं स्मार्ट सोच से दूर है। हद देखिए कि 150 बेड के अस्पताल के बगल में बालू बदरपुर, गिट्टी एवं अन्य निर्माण सामग्री का ढेर लगा रखा है। इस अस्पताल में करीब एक हजार से अधिक मरीज रोज उपचार कराने के लिए आते हैं। ऐसे में उनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तस्वीर महल के पास स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एके तिब्बिया कॉलेज की दीवार से सटाकर निर्माण सामग्री करीब दो महीने पहले रखी गई थी। कॉलेज प्रशासन द्वारा एतराज करने पर अधिकारियों ने मामला शांत करा दिया। कॉलेज के शिक्षक व छात्र कहते हैं कि यह मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। बालू बदरपुर एवं गिट्टी आदि की वजह से सड़क पर धूल उड़ती है। शहर पहले से ही प्रदूषित है। ऊपर से धूल उड़ने से राह चलना मुश्किल हो गया है। कुछ रोज पहले नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया था कि निर्माण एजेंसी को नोटिस देकर तीन दिन में सड़क किनारे से निर्माण सामग्री हटाने को कहा गया है। लेकिन आज तक निर्माण सामग्री सड़क किनारे पड़ी है। हालांकि, हरे रंग के कपड़े का परदा जरूर डाला गया है लेकिन उससे फायदा नहीं है। नगर निगम के आसपास चल रहे निर्माण कार्य में भी प्रदूषण रोकथाम के मानक का पालन नहीं किया जा रहा है।