अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के नाम से बनी फर्जी ई-मेल आईडी से शिक्षकों व अन्य लोगों को ई-मेल भेजे जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने थाना सिविल लाइन में साइबर क्राइम के तहत मामला दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
एएमयू के जनसंपर्क अधिकारी उमर सलीम पीरजादा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लोग संपर्क कर उनसे पूछ रहे थे कि कुलपति की ओर से हमें ई-मेल मिले हैं, जिसमें उनसे (कुलपति से) मिलने के लिए कहा गया है। कुछ ऐसे संदेश भेजे गए हैं, जो सही नहीं लग रहे हैं। इसके बाद विश्वविद्यालय के जनसंपर्क विभाग ने अपने स्तर से मामले की जांच की। कुलपति कार्यालय से जब पता किया गया तो जानकारी हुई कि इस तरह के ई-मेल नहीं भेजे गए हैं। मामला साफ होने पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, गैर शिक्षण अधिकारियों-कर्मचारियों व अन्य स्टाफ के लोगों से अपील की गई कि अगर इस फर्जी ई-मेल आईडी से उनको कोई ई-मेल मिल रहा है तो वह यह मान लें कि वह फर्जी है। यह कुलपति कार्यालय की ओर से नहीं भेजा गया है। इस तरह का ई-मेल मिलने के संबंध में वह विश्वविद्यालय के जनसंपर्क कार्यालय को सूचित करें, जिससे कि रिपोर्ट दर्ज कराते समय उसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। अपील के बाद जनसंपर्क कार्यालय से ऐसे कुछ लोगों ने संपर्क भी किया, जिनको ई-मेल मिले थे। इसके बाद मंगलवार की शाम थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है।
जनसंपर्क अधिकारी उमर सलीम पीरजादा ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के नाम का दुरुपयोग करने का मामला प्रकाश में आया है। विश्वविद्यालय ने इसका सख्ती से संज्ञान लिया है। जो भी व्यक्ति जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा कर सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी।