पानी की पुरानी पाइप लाइन से जामा मस्जिद को खतरा पैदा हो गया है। दीवारों में आई दरार के बाद अब मस्जिद का फर्श भी दरकने लगा है। दीवारों की दरारें भी चौड़ी होती जा रही हैं। नगर निगम ने मस्जिद की जांच की बात कही थी। लेकिन ढाई महीने बाद भी मस्जिद के हालत जस के तस बने हुए हैं।
स्थानीय निवासी गुलजार अहमद ने बताया कि हॉस्पिटल वाले गेट की ओर से मस्जिद का फर्श धंसता ही जा रहा है। यह फर्श का वो हिस्सा है जहां मदरसे के बच्चे बैठकर पढ़ते हैं। दरवाजे की चौखट और फर्श के बीच एक से सवा इंच की दरार बन गई है।
इतना ही नहीं ढाई महीने पहले दीवारों में आई दरारें भी बढ़ने लगी हैं। जैसे-तैसे मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने दरारों को भरने का काम किया था। लेकिन नगर निगम की लगातार उपेक्षा के चलते फिर से दरारें फटने लगी हैं। शहर मुफ्ती ने भी इस लापरवाही पर रोष जताया है।